दिल्ली: कनॉट प्लेस में CJP का ‘तिरंगा मार्च’ पुलिस ने रोका; अभिजीत दीपके और नेहा बोरा समेत 150 हिरासत में

Anand Kumar
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस (सेंट्रल पार्क) में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को दिल्ली पुलिस ने रोक दिया है। इलाके में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) का हवाला देते हुए पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और आइसा (AISA) अध्यक्ष नेहा बोरा सहित लगभग 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।

घर से निकलते ही हिरासत में लिए गए दीपके

जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके दिल्ली में एनसीपी-एसपी (NCP-SP) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास पर ठहरे हुए थे। दोपहर करीब 3 बजे ही पुलिस उन्हें प्रदर्शन में न जाने की समझाइश देने पहुंची थी। शाम करीब 5 बजे जैसे ही दीपके घर से बाहर निकले, पुलिसकर्मियों से उनकी तीखी बहस हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

हिरासत में लिए जाने से पहले दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा:

“दिल्ली पुलिस के 7-8 जवान आए और कहने लगे कि आप लोगों को भड़का रहे हैं तथा तिरंगा लहराने नहीं जा सकते। क्या अब अपने ही देश में तिरंगा लहराने से भी रोका जाएगा?”

उल्लेखनीय है कि पिछले 6 दिनों में दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पूर्व भी उन्हें कस्टडी में लिया गया था।

मंडी हाउस से आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा कस्टडी में

दूसरी ओर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को मंडी हाउस क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। संगठन ने आरोप लगाया है कि नेहा बोरा को पहले एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स स्टेशन ले जाया गया और फिर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया।

कनॉट प्लेस में भारी सुरक्षा, ड्रोन से निगरानी

प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए कनॉट प्लेस, सेंट्रल पार्क और जनपथ मेट्रो स्टेशन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पर चढ़कर तिरंगा लहराते नजर आए। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात पर नजर रखने के लिए पुलिस ड्रोन कैमरों का सहारा ले रही है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को रोकना “अघोषित आपातकाल” जैसा है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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