चतरा। झारखंड के चतरा में पुलिस अधीक्षक (SP) आवास एवं कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने मंगलवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी। हाई-सिक्योरिटी जोन में एक निजी सुरक्षाकर्मी ने अपने ही साथी गार्ड की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत मौके से गिरफ्तार कर लिया।
मृतक की पहचान बिहार के बक्सर निवासी अतुल सिंह के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी बलवीर सिंह है। दोनों बिहार के बेलागंज से जदयू विधायक मनोरमा देवी के पुत्र विनीत यादव उर्फ जैकी यादव के निजी सुरक्षा कर्मी थे। घटना के समय विधायक के नाम से आवंटित गया जिला पुलिस बल का एक सरकारी गार्ड भी उनके साथ मौजूद था।
SP से मिलने गए थे ठेकेदार, बाहर हुआ खूनी विवाद
जानकारी के अनुसार, विनीत यादव, जो चतरा बाईपास निर्माण कार्य से जुड़ी रमिया कंस्ट्रक्शन के संचालक हैं, किसी कार्य से SP आवास पहुंचे थे। उनके अंदर जाने के दौरान उनकी फोर्ड एंडेवर में तीन गार्ड बाहर इंतजार कर रहे थे—दो निजी सुरक्षाकर्मी और एक सरकारी गार्ड।
इसी दौरान दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों के बीच खैनी मांगने और पुरानी रंजिश को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच हाथापाई होने लगी।

दो राउंड फायरिंग, दूसरी गोली आंख में लगी
पुलिस के अनुसार, आरोपी बलवीर सिंह ने अपनी राइफल से दो राउंड फायरिंग की। पहली गोली फोर्ड एंडेवर की छत से टकराकर निकल गई, जबकि दूसरी गोली अतुल सिंह की आंख में लगी। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
फायरिंग के बाद आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन SP आवास की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे दबोच लिया और हथियार जब्त कर लिया।
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कार और हथियार जब्त, फॉरेंसिक जांच जारी
घटना के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार के साथ-साथ विनीत यादव की फोर्ड एंडेवर भी जब्त कर ली। वाहन पर खून के छींटे मिले हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।
SP अनिमेष नैथानी के निर्देश पर सदर थाना पुलिस, सिमरिया SDPO, टंडवा SDPO समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
सरकारी बॉडीगार्ड बेटे के साथ कैसे पहुंचा, जांच का विषय
डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कार में कुल तीन सुरक्षाकर्मी थे—दो निजी और एक गया जिला पुलिस बल का सरकारी गार्ड। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि विधायक मनोरमा देवी के नाम से आवंटित सरकारी बॉडीगार्ड उनके बेटे के साथ चतरा कैसे पहुंचा।
डीएसपी के अनुसार, आरोपी बलवीर सिंह की जेब से मानसिक उपचार से संबंधित एक चिकित्सकीय पर्ची भी मिली है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी आया सामने
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी बलवीर सिंह पहले CISF में तैनात था। उस पर वर्ष 2017 में बिहार के औरंगाबाद स्थित नवीनगर पावर प्लांट में चार CISF जवानों की हत्या करने का आरोप है। उस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और बाद में वह जमानत पर बाहर आया था।
पुलिस फिलहाल हत्या के कारण, आरोपी के आपराधिक इतिहास, सरकारी गार्ड की मौजूदगी और पूरे घटनाक्रम के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
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