पूर्व IPS अमिताभ दास के पटना आवास पर पुलिस छापेमारी, तबीयत बिगड़ी, NEET छात्रा केस पर दिए बयान से बढ़ा विवाद

Anand Kumar
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रेड के दौरान मीडिया से मुखातिब अमिताभ दास।

Patna : पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट में शुक्रवार को पुलिस ने छापेमारी की। चित्रगुप्तनगर थाना सहित तीन थानों की टीम तलाशी के लिए पहुंची। कार्रवाई के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पटना के रूबन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन, टैबलेट और अशोक स्तंभ अंकित एक लेटरहेड को जब्त किया है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

यह कार्रवाई उस एफआईआर के बाद हुई है, जो सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक और उत्तेजक पोस्ट डालने के आरोप में दर्ज की गई थी। मामला चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 44/26 से जुड़ा बताया जा रहा है, जो शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा से जुड़े कथित रेप-मौत प्रकरण से संबंधित है।


छापेमारी के बीच क्या बोले अमिताभ दास

मीडिया से बातचीत में अमिताभ दास ने दावा किया कि उन्हें मुख्यमंत्री के बेटे को बचाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी की साजिश रची गई है और उनकी जान को खतरा है। इस दौरान वे एक तस्वीर हाथ में लिए दिखे, जिसमें मोकामा विधायक और मुख्यमंत्री एक साथ नजर आ रहे हैं।

इससे पहले उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि नीट छात्रा प्रकरण में मुख्यमंत्री के बेटे का डीएनए सैंपल लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि सच्चाई स्पष्ट करनी है तो संबंधित सभी लोगों की वैज्ञानिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आशंका जताई थी कि मामले में देरी होने पर आरोपित विदेश जा सकता है। इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखी गई।


पुलिस का पक्ष: “तथ्यहीन और जांच को प्रभावित करने की कोशिश”

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर मामले से जुड़े वीडियो और पोस्ट की निगरानी के दौरान पाया गया कि कुछ सामग्रियां प्रथम दृष्टया तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की पोस्ट जांच को प्रभावित कर सकती हैं और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका भी रहती है। इसी आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और तलाशी अभियान चलाया गया।


पहले भी विवादों में रहे

अमिताभ दास पूर्व में भी अपने बयानों और आरोपों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया था। 2006 में उन पर एक महिला ने यौन शोषण और विवाह का झूठा वादा करने का आरोप लगाया था, जब वे जमुई में बीएमपी-11 कमांडेंट पद पर तैनात थे। देवघर में एसपी रहते भी उन पर एक विदेशी महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। इन मामलों ने उनके करियर पर असर डाला था।

फिलहाल अमिताभ दास अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस जांच जारी है और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया जाता है या नहीं। साथ ही, यह प्रकरण राज्य की राजनीति और प्रशासनिक तंत्र पर भी असर डाल सकता है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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