जयराम महतो बोले- गलती हुई है, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा
धनबाद/रांची: बरवाअड्डा थाना प्रभारी से कथित विवाद के मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो और उनके सहयोगियों को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है। मंगलवार को एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने जयराम महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने पुलिस से मामले की केस डायरी तलब की है। अब मामले में अगली सुनवाई के बाद ही अग्रिम जमानत पर आगे फैसला होगा।
- जयराम महतो बोले- गलती हुई है, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा
- बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुआ है मामला
- जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग कर रहा पुलिस एसोसिएशन
- 8 सितंबर से काला बिल्ला, 5 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश की चेतावनी
- जयराम महतो बोले- माफी नहीं मांगूंगा
- ‘गलती हुई है, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा’
- पुलिस और जयराम महतो के बीच टकराव बढ़ा
मामले में जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल ने भी अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की। वहीं, अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने केस डायरी देखने के बाद आगे की सुनवाई का फैसला किया।
बरवाअड्डा थाना प्रभारी के बयान पर दर्ज हुआ है मामला
बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल और अन्य के खिलाफ कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया है।
पुलिस की ओर से दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि थाना परिसर में पुलिस अधिकारियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। इसके अलावा विधायक के समर्थकों पर हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने का प्रयास करने, थाना परिसर में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों के सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं।
इस मामले में आरोपियों ने पहले प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। बाद में इसे सुनवाई के लिए विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया।
जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग कर रहा पुलिस एसोसिएशन
इस बीच मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने विधायक जयराम महतो के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मुर्मू ने जयराम महतो की गिरफ्तारी की मांग की है।
एसोसिएशन के मुताबिक, इस मामले में निर्धारित समय के भीतर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि पुलिस परिवार के सम्मान, गरिमा और अधिकार से जुड़ी है।
आंदोलन को डीएसपी एसोसिएशन, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और झारखंड चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के समर्थन की बात कही गई है। झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन की ओर से भी समर्थन दिए जाने का दावा किया गया है।
8 सितंबर से काला बिल्ला, 5 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश की चेतावनी
पुलिस एसोसिएशन ने कहा है कि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन की ओर से 8 सितंबर से काला बिल्ला लगाने और 5 अक्टूबर से सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी दी गई है।
एसोसिएशन ने धनबाद के एसएसपी को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए जयराम महतो के खिलाफ गिरफ्तारी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की थी। संगठन का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी कार्रवाई की प्रगति के संबंध में उसे पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
हालांकि पुलिस एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बरवाअड्डा थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि वह किसी पुलिस अधिकारी के गलत आचरण का समर्थन नहीं करता।
जयराम महतो बोले- माफी नहीं मांगूंगा
दूसरी ओर, विधायक जयराम महतो ने साफ कहा है कि वह किसी भी कीमत पर माफी नहीं मांगेंगे। चतरा में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें जेल जाना मंजूर है और जरूरत पड़ी तो फांसी भी मंजूर है, लेकिन वह माफी नहीं मांगेंगे।
जयराम महतो ने अपने कथित बयान और थाना प्रकरण को लेकर कहा कि वह पुलिस विभाग के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि गलत और भ्रष्ट तरीके से काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ उनकी लड़ाई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी ने एक पीड़ित व्यक्ति के साथ गलत व्यवहार किया और उसे बाल पकड़कर थाना परिसर में घसीटा। विधायक ने कहा कि यदि थाना प्रभारी के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं तो पहले उनकी भी जांच होनी चाहिए।
‘गलती हुई है, लेकिन माफी नहीं मांगूंगा’
जयराम महतो ने अपने कथित गाली-गलौज वाले बयान पर कहा कि वह मानते हैं कि उनसे गलती हुई है और वह उस गलती का समर्थन नहीं करते। हालांकि उन्होंने माफी मांगने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि जनता के हित के लिए वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। विधायक ने यह भी दावा किया कि उनकी करीब 11 मिनट की बातचीत को एडिट कर कुछ मिनट का हिस्सा सार्वजनिक किया गया।
जयराम महतो ने पुलिस संगठन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई बनती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस और जयराम महतो के बीच टकराव बढ़ा
बरवाअड्डा थाना प्रकरण के बाद अब मामला सिर्फ विधायक और थाना प्रभारी के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ पुलिस संगठनों ने जयराम महतो के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ विधायक ने भी अपने रुख में नरमी के संकेत नहीं दिए हैं।
फिलहाल अदालत ने जयराम महतो की गिरफ्तारी पर रोक नहीं लगाई है और पुलिस से केस डायरी तलब की है। ऐसे में अगली सुनवाई जयराम महतो के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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