CM हेमंत के पूर्व राजनीतिक सलाहकार के घर बड़ी चोरी, डेढ़ लाख कैश और 25 लाख के जेवर ले उड़े चोर, CCTV में दिखे 3 संदिग्ध

Anand Kumar
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रांची। झारखंड की राजधानी रांची में चोरों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुंदाग ओपी क्षेत्र के सेल सिटी में चोरों ने झारखंड के पूर्व सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर चौधरी के बंद घर को निशाना बनाया। घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, 20 से 25 लाख रुपये के जेवरात, एक लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी होने की जानकारी सामने आई है।

हैरानी की बात यह है कि चोरी की वारदात ऐसे इलाके में हुई, जहां पूर्व एडीजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों के आवास भी हैं। घटना के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध लोगों की गतिविधियां कैद हुई हैं। तीनों के चेहरे ढके हुए बताए जा रहे हैं।

परिवार गांव गया था, बंद घर में हुई चोरी

हिमांशु शेखर चौधरी के अनुसार, वह 7 अक्टूबर को परिवार के साथ अपने गांव गए थे। इस दौरान घर बंद था। घर की देखभाल करने और पौधों में पानी देने के लिए आने वाली महिला जब वहां पहुंची, तो उसने मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ देखा।

महिला ने फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिवार की ओर से उसे घर के अंदर जाकर स्थिति देखने को कहा गया। अंदर का नजारा देखकर चोरी की बड़ी वारदात का पता चला। घर में कई जगह सामान बिखरा पड़ा था और कीमती सामान गायब था।

नकदी, जेवरात और लैपटॉप चोरी

पूर्व सूचना आयुक्त ने फोन पर बातचीत में बताया कि घर से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, 20 से 25 लाख रुपये के जेवरात, एक लैपटॉप और अन्य कीमती सामान गायब हैं।

उन्होंने बताया कि घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था। पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। इसके अलावा गाड़ी और फेंसिंग क्षतिग्रस्त मिली। इन परिस्थितियों से आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने घर में काफी देर तक तलाशी ली और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।

चौधरी ने बताया कि परिवार गांव से लौट रहा था। रांची पहुंचने के बाद चोरी से संबंधित अन्य विवरण स्पष्ट हो सकेंगे।

आसपास पूर्व एडीजी और डीआईजी के आवास

सेल सिटी में हुई इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ाई है, क्योंकि इलाके में कई वरिष्ठ अधिकारियों के आवास हैं।

हिमांशु शेखर चौधरी के मुताबिक, उनके घर के ठीक सामने पूर्व एडीजी आरके मलिक का आवास है। आसपास हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश स्वर्गीय केपी देव के परिवार का घर और पूर्व डीआईजी राजीव सिंह का आवास भी स्थित है।

ऐसे इलाके में बंद घर का ताला तोड़कर चोरी की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

CCTV में तीन संदिग्धों की गतिविधियां कैद

चोरी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध लोगों की गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि तीनों ने अपने चेहरे ढक रखे थे।

घटना की जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, चोरी में शामिल लोगों की पहचान और चोरी गए सामान की बरामदगी को लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

पूर्व सूचना आयुक्त के रांची लौटने के बाद चोरी की पूरी स्थिति का आकलन किए जाने की बात कही गई है।

कई बड़े पदों पर रह चुके हैं हिमांशु शेखर चौधरी

हिमांशु शेखर चौधरी झारखंड में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। वह वर्ष 2013-14 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने झारखंड खाद्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई है।

वह राज्य के सूचना आयुक्त और प्रभारी मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

फिलहाल इस चोरी की घटना ने सेल सिटी जैसे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि चोर घर में कैसे दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देने के बाद किस रास्ते से फरार हुए।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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