नेपाल में चीन-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है, जिससे रसुवा जिले के रसुवागढ़ी एवं आसपास के सारे इलाकों में भोटे क्युशी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से घरों तथा सड़कों एवं पुलों और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मैत्री पुल भी इस आपदा की चपेट में आ चुका है।
बुधवार को आई इस अचानक बाढ़ के बाद रसुवागढ़ी बॉर्डर क्षेत्र में चारों तरफ मलबा और तबाही का मंजर दिखाई दिया, जिससे इस मार्ग में नेपाल और चीन के बीच व्यापार के साथ-साथ कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता था। इस बाढ़ के तेज बहाव ने सीमा क्षेत्र में मौजूद कई संचार नावों को नुकसान पहुंचा दिया है। बाढ़ का यह असर केवल पुलों तक सीमित नहीं है बल्कि नेपाल के सड़क विभाग के अनुसार नुवाकोट के बैत्रवती से रसुवागढ़ी बॉर्डर तक करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस मार्ग पर कई कॉंक्रीट पुल भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं, इससे चीन के साथ नेपाल का एक प्रमुख व्यापारिक संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।
बाढ़ से रसुवा के अलावा नुवाकोट एवं आसपास के कई इलाकों में भी नुकसान पहुंची है, जिससे गांवों, बाजारों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं पर इसका असर भारी तरीके से पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हुई है, जिससे सैकड़ों लोग अभी भी लापता भी बताए जा रहे हैं।