चीन की सीमा से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, मैत्री पुल समेत 42 किमी सड़क बर्बाद

Anand Kumar
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नेपाल में चीन-तिब्बत सीमा के पास आई भीषण फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है, जिससे रसुवा जिले के रसुवागढ़ी एवं आसपास के सारे इलाकों में भोटे क्युशी नदी का जल स्तर अचानक बढ़ने से घरों तथा सड़कों एवं पुलों और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मैत्री पुल भी इस आपदा की चपेट में आ चुका है।

बुधवार को आई इस अचानक बाढ़ के बाद रसुवागढ़ी बॉर्डर क्षेत्र में चारों तरफ मलबा और तबाही का मंजर दिखाई दिया, जिससे इस मार्ग में नेपाल और चीन के बीच व्यापार के साथ-साथ कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता था। इस बाढ़ के तेज बहाव ने सीमा क्षेत्र में मौजूद कई संचार नावों को नुकसान पहुंचा दिया है। बाढ़ का यह असर केवल पुलों तक सीमित नहीं है बल्कि नेपाल के सड़क विभाग के अनुसार नुवाकोट के बैत्रवती से रसुवागढ़ी बॉर्डर तक करीब 42 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस मार्ग पर कई कॉंक्रीट पुल भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं, इससे चीन के साथ नेपाल का एक प्रमुख व्यापारिक संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।

बाढ़ से रसुवा के अलावा नुवाकोट एवं आसपास के कई इलाकों में भी नुकसान पहुंची है, जिससे गांवों, बाजारों, सड़कों और बिजली परियोजनाओं पर इसका असर भारी तरीके से पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी हुई है, जिससे सैकड़ों लोग अभी भी लापता भी बताए जा रहे हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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