रांची: झारखंड में JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर कथित फेक और भ्रामक पोस्ट को लेकर रांची पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। राजधानी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान हुए हंगामे और मारपीट के मामले में जहां कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं, वहीं अब सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री की जांच भी पुलिस के दायरे में आ गई है।
रांची पुलिस के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की ओर से 22 अगस्त 2026 को जारी एक नोटिस का स्क्रीनशॉट सामने आया है। नोटिस में BNSS, 2023 की धारा 94 के तहत X कॉरपोरेशन से एक सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगी गई है। नोटिस में संबंधित X हैंडल को @JPSCReformanch बताया गया है और इसे JPSC-JSSC Reform Manch से जुड़ा अकाउंट बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कथित तौर पर गलत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से जुड़ी आपराधिक जांच के सिलसिले में की जा रही है।
सोशल मीडिया अकाउंट से मांगी गई यूजर डिटेल
सामने आए नोटिस के मुताबिक, रांची साइबर क्राइम पुलिस ने X से संबंधित अकाउंट के बारे में कई तरह की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें अकाउंट होल्डर का पूरा नाम, आवासीय पता, संपर्क नंबर और वैकल्पिक ई-मेल जैसी जानकारी शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने अकाउंट एक्टिविटी लॉग, लॉगिन और लॉगआउट रिकॉर्ड तथा संबंधित IP एड्रेस की जानकारी भी मांगी है। नोटिस में 30 अगस्त 2026 तक और उससे पहले की अवधि के रिकॉर्ड का उल्लेख किया गया है।
पुलिस ने अकाउंट को संचालित करने के लिए इस्तेमाल किए गए डिवाइस से संबंधित उपलब्ध जानकारी भी मांगी है, जिसमें डिवाइस का मेक, मॉडल और IMEI नंबर जैसी जानकारी शामिल है।

किन पोस्ट को लेकर जांच?
नोटिस में कुछ सोशल मीडिया पोस्ट को जांच का विषय बनाया गया है। पुलिस का आरोप है कि संबंधित X अकाउंट से सरकार और झारखंड सरकार की कार्रवाई से जुड़े कथित रूप से झूठे, भ्रामक और उकसाने वाले दावे प्रसारित किए गए।
नोटिस में अलग-अलग कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। इनमें सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली सामग्री, लोक सेवक से संबंधित कथित गलत सूचना, मानहानि और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री के प्रकाशन से जुड़े प्रावधानों का उल्लेख दिखाई देता है।
हालांकि, संबंधित पोस्ट और आरोपों पर अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
रांची पुलिस की आम लोगों से अपील- वायरल पोस्ट पर तुरंत भरोसा न करें
इसी बीच रांची पुलिस ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रही खबरों, वीडियो और संदेशों को लेकर आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
पुलिस के अनुसार, कुछ असामाजिक और स्वार्थी तत्व जानबूझकर झूठी, भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं प्रसारित कर लोगों को उकसाने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसी सामग्री के जरिए समाज में तनाव, वैमनस्य और अशांति पैदा होने की आशंका जताई गई है।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी भी सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो या संदेश को बिना सत्यापन के आगे शेयर न करें।
राँची पुलिस की अपील
— Ranchi Police (@ranchipolice) August 23, 2026
सभी नागरिकों से अपील है कि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली किसी भी खबर, वीडियो, संदेश अथवा सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें।
कुछ असामाजिक एवं स्वार्थी तत्व जानबूझकर झूठी, भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं…
पुलिस ने कहा- कानून हाथ में न लें
रांची पुलिस ने लोगों को स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी संदेश या वीडियो के आधार पर उकसावे में आकर कानून अपने हाथ में न लें।
पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध, भ्रामक या भड़काऊ सामग्री मिलती है तो उसे वायरल करने के बजाय संबंधित पुलिस या प्रशासन को इसकी सूचना दी जाए।
पुलिस का कहना है कि किसी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है। शांति, सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
पुतला दहन मामले में कोतवाली थाना में तीन FIR
सोशल मीडिया को लेकर पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब शुक्रवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान जमकर हंगामा और मारपीट हुई थी।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के नेतृत्व में छात्र मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुतला दहन रोकने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
घटना के बाद तनाव केवल अल्बर्ट एक्का चौक तक सीमित नहीं रहा। सदर अस्पताल और JPSC कार्यालय के आसपास भी अफरा-तफरी की स्थिति बनने की बात सामने आई।
तीन FIR, 14 लोग नामजद
घटना को लेकर कोतवाली थाना में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। इनमें दो शिकायतें अंकिता वर्मा और शाहबाज की ओर से दी गईं, जबकि तीसरी प्राथमिकी एक मजिस्ट्रेट की ओर से दर्ज कराई गई है।
पुलिस के अनुसार, तीनों प्राथमिकी में कुल 14 लोगों को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
दर्ज मामलों में कुणाल कुमार, पीयूष, रविंद्र पासवान, चंडी तिवारी, चितरंजन कुमार, सौरव, वीरेंद्र प्रताप और सुमित शर्मा समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं।
वीडियो फुटेज से भी जांच
कोतवाली पुलिस ने तीनों मामलों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ के अलावा पुलिस को उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर भी पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
छात्र आंदोलन और सोशल मीडिया दोनों पुलिस की निगरानी में
JPSC-JSSC से जुड़े छात्र आंदोलन के बीच रांची में अब मामला सिर्फ सड़क पर होने वाले धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन तक सीमित नहीं दिख रहा है। आंदोलन से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और संदेश भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं।
एक तरफ पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को बिना सत्यापन के किसी सामग्री को शेयर न करने की सलाह दी है, वहीं दूसरी तरफ सामने आए साइबर क्राइम नोटिस से यह संकेत मिलता है कि पुलिस कथित भ्रामक सोशल मीडिया सामग्री के स्रोत और उसे संचालित करने वाले लोगों की पहचान के लिए तकनीकी जानकारी जुटा रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में यह जांच महत्वपूर्ण होगी कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट किसने और किस उद्देश्य से प्रसारित किए थे तथा उनमें लगाए गए दावों की वास्तविकता क्या थी।
फिलहाल, FIR और साइबर क्राइम नोटिस में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं। संबंधित आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
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