झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गठित अन्य मित्रों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार आंदोलन बढ़ता जा रहा है। इस आंदोलन के बीच छात्रों ने झारखंड सरकार के साथ वार्ता के लिए 11 सदस्य प्रतिनिधिमंडल का भी गठन किया है और इसकी सूची प्रशासन को सौंपी है। वायुमंडल में कुल आठ छात्र एक अधिवक्ता एवं दो मीडिया प्रतिनिधि शामिल है। साथ ही, जिला प्रशासन में स्पष्ट किया है की औपचारिक बातचीत केवल छात्र प्रतिनिधियों से ही की जाएगी।
आंदोलनकारी छात्रों के अनुसार सरकार की ओर से वार्ता का प्रस्ताव मिलने के बाद प्रतिनिधि मंडल तैयार किया गया है, जिससे, उनकी मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। अब किसी के साथ यह भी है कि कल देर शाम तक बातचीत के लिए प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की अंतिम निमंत्रण नहीं मिली है।
इसी के साथ, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी आंदोलन रक्षत्रों से फोन पर बातचीत की जिसमें उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा है कि युवाओं की आवाज को सुनी जानी चाहिए एवं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की ही जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने भारत के लोगों से भी छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करने का अपील किया है।
वहीं, झारखंड सरकार के मंत्रियों ने कहा है कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। उनका कहना यह है की भर्ती परीक्षाओं में गठित गर्भवतियों की जान जारी है हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही भी की जाएगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाएगी।