प्रिंस खान–सुजीत सिन्हा गैंग का गठजोड़ कारोबारियों से कर रहा उगाही, रांची रेस्टोरेंट फायरिंग केस के सभी आरोपी गिरफ्तार

Anand Kumar
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Ranchi : रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित कुटियातू के टीटॉस रेस्टोरेंट में हुई गोलीबारी और एक कर्मचारी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि विदेश में बैठे कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा एक साथ मिलकर झारखंड में आपराधिक नेटवर्क चला रहे हैं।

रांची और धनबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि यह हमला रंगदारी नहीं मिलने के कारण सुनियोजित तरीके से किया गया था।


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रंगदारी नहीं मिली, तो गोली से जवाब

मौके से जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक से पहले रंगदारी की मांग की गई थी। जब पैसे नहीं मिले, तो गैंग ने दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी की साजिश रची।

सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, यह कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं थी, बल्कि पूरी तरह से प्लानिंग के तहत अंजाम दी गई कार्रवाई थी, जिसमें अलग-अलग भूमिकाएं तय की गई थीं।


कौन हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस मामले में जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं :

  • कुबेर उर्फ मनीष सिंह उर्फ अमन सिंह (पलामू)
  • अफजल अमन उर्फ बाबर उर्फ विराट (धनबाद)
  • पप्पू भुइंया (पुटकी, धनबाद)
  • मो. शादाब आलम उर्फ डॉक्टर (वासेपुर)

इनमें से तीन आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल भी हुए थे। मंगलवार को दो आरोपियों को धनबाद से रांची लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की गई।


कोयलांचल शांति सेना के जरिए ऑपरेशन

जांच में सामने आया है कि कुबेर उर्फ मनीष सिंह “कोयलांचल शांति सेना” से जुड़ा हुआ है, जिसे जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ऑपरेट करता है।

पुलिस के अनुसार, इस गैंग के सदस्य सीधे प्रिंस खान के संपर्क में रहते हैं और उसके निर्देश पर रंगदारी वसूली और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

यह गठजोड़ झारखंड के कारोबारियों के लिए एक नए और संगठित खतरे के रूप में सामने आया है।


60 बैंक खातों का नेटवर्क, सफेदपोश कनेक्शन की जांच

गिरफ्तार अपराधियों के पास से जब्त मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी मिली है।

सिटी एसपी के अनुसार :

  • करीब 60 बैंक खातों का पता चला है
  • ये खाते अलग-अलग नामों से संचालित हो रहे थे
  • रंगदारी की रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी
  • बाद में पैसे को प्रिंस खान के बताए खातों में ट्रांसफर किया जाता था

पुलिस को यह भी इनपुट मिला है कि इस नेटवर्क में कुछ “सफेदपोश” लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है।


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किसने क्या भूमिका निभाई

जांच में वारदात की पूरी पटकथा सामने आई है :

  • शादाब ने रेस्टोरेंट की रेकी की
  • पप्पू भुइंया बाइक लेकर मौके पर पहुंचा
  • कुबेर ने बाइक से उतरकर गोली चलाई
  • धनबाद से अन्य सहयोगी भी मौके पर मौजूद थे

इस तरह पूरी घटना को संगठित तरीके से अंजाम दिया गया।


धनबाद में मुठभेड़, तीन अपराधी घायल

इस केस से जुड़े आरोपियों की तलाश में सोमवार तड़के धनबाद के केंदुआडीह क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई। इस दौरान :

  • विक्की डोम और कुबेर को पैर में गोली लगी
  • एक अन्य आरोपी भागने के दौरान घायल हो गया

इसके बाद पुलिस ने सभी को पकड़ लिया और रांची लाकर पूछताछ शुरू की।


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बड़ा संकेत : झारखंड में गैंगवार का नया मॉडल

यह मामला सिर्फ एक फायरिंग या हत्या का नहीं, बल्कि झारखंड में अपराध के बदलते स्वरूप का संकेत देता है—

  • विदेश से ऑपरेट हो रहा गैंग
  • जेल के अंदर से कंट्रोल हो रहा नेटवर्क
  • डिजिटल बैंक खातों के जरिए फंडिंग
  • स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदात

यह “रिमोट कंट्रोल क्राइम” का ऐसा मॉडल है, जो कानून-व्यवस्था के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।


आगे क्या : पुलिस की नजर सफेदपोश नेटवर्क पर

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाने की कोशिश कर रही है। खास तौर पर उन लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है, जो पर्दे के पीछे से इस गैंग को आर्थिक और लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहे हैं।

संकेत साफ हैं – आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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