रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाएं एक बार फिर विवादों में हैं। 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा (राज्य सिविल सेवा) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर पहले से उठ रहे सवालों के बीच अब पूरी परीक्षा संचालन प्रणाली पर गंभीर आरोप लगे हैं। सबसे बड़ा आरोप यह है कि आयोग ने भर्ती प्रक्रिया के OTR से लेकर अंतिम रिजल्ट प्रोसेसिंग तक के आठ संवेदनशील कार्य एक ही निजी एजेंसी को सौंप दिए हैं। इस मामले में आयोग के एक सदस्य ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आयोग के अंदर से उठे सवाल
मामले की गंभीरता इस बात से भी बढ़ जाती है कि आरोप किसी बाहरी संगठन या अभ्यर्थियों की ओर से नहीं, बल्कि JPSC के ही एक सदस्य की ओर से लगाए गए हैं। शिकायत पत्र में कहा गया है कि पहली बार किसी एक एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया के सभी महत्वपूर्ण चरणों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे गोपनीयता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

UP में विवादों में रह चुकी एजेंसी
शिकायत में कहा गया है कि TSR Data Processing Pvt. Ltd. (TDPL) नामक एजेंसी को यह जिम्मेदारी दी गई है। आरोप है कि यह एजेंसी पहले उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामलों में विवादों में रह चुकी है। शिकायत में उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट की टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया है और भविष्य में ऐसी एजेंसियों को सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं से दूर रखने की मांग की गई है।
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एक ही एजेंसी कर रही ये 8 संवेदनशील काम
- वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR)
- ऑनलाइन आवेदन प्रोसेसिंग
- एडमिट कार्ड जेनरेशन
- प्रश्नपत्र प्रिंटिंग
- OMR शीट और उत्तर पुस्तिका प्रिंटिंग
- OMR स्कैनिंग
- ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (OSM)
- रिजल्ट प्रोसेसिंग
पहले अलग-अलग एजेंसियों को मिलती थी जिम्मेदारी
पूर्व में परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्री-प्रोसेसिंग, पोस्ट-प्रोसेसिंग, प्रश्नपत्र प्रिंटिंग, डेटा प्रोसेसिंग और रिजल्ट प्रोसेसिंग जैसे कार्य अलग-अलग एजेंसियों को दिए जाते थे। इससे किसी एक एजेंसी के पास पूरी परीक्षा प्रक्रिया का नियंत्रण नहीं होता था और अनियमितता की संभावना कम रहती थी।
14वीं सिविल सेवा परीक्षा पहले से विवादों में
JPSC की 14वीं संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम पहले से विवादों में है। रिजल्ट पर सभी आयोग सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने, कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं करने, वायरल OMR शीट और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब परीक्षा संचालन प्रणाली को लेकर सामने आए नए आरोपों ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
इन छह भर्ती परीक्षाओं में एजेंसी की भूमिका पर सवाल
- नगर निगम कार्यपालक अभियंता भर्ती परीक्षा (10/2023)
- झारखंड स्वास्थ्य सेवा संयुक्त नियुक्ति परीक्षा (04/2023)
- झारखंड वन क्षेत्र पदाधिकारी नियुक्ति परीक्षा (04/2024)
- झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा (01/2026)
- झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा (05/2026)
- झारखंड संयुक्त असैनिक प्रतियोगिता परीक्षा (06/2026)
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