एयरस्ट्राइक पर एयर मार्शल बोले- भय बिनु होय ना प्रीत, सेना ने कहा- आतंक से लड़ाई को पाक ने अपना बना लिया

भारत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब राष्ट्र की सुरक्षा पर आंच आती है, तो भारतीय सेना किसी भी सीमा तक जाकर जवाब देने में सक्षम है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ इसी दृढ़ निश्चय और समन्वित सैन्य रणनीति का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन सेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना के शीर्ष अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि यह ऑपरेशन क्यों और कैसे अंजाम दिया गया। इस बीच बड़ी खबर यह है कि इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह संबोधन पाकिस्तान के साथ हुए संघर्षविराम समझौते के बाद हो रहा है, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद उपजे सैन्य तनाव की परिणति है।
- एयरस्ट्राइक पर एयर मार्शल बोले- भय बिनु होय ना प्रीत, सेना ने कहा- आतंक से लड़ाई को पाक ने अपना बना लिया
- आतंकियों पर था हमला, पाकिस्तानी सेना ने खुद को शत्रु घोषित किया: एयर मार्शल भारती
- एयर डिफेंस की परतें और रणनीतिक गहराई: एक आधुनिक युद्ध का खाका
- नौसेना की निगरानी और हमले की तैयारी: हर क्षण अलर्ट मोड में
- ‘रण होगा अब याचना नहीं’: सैन्य भाषा में रामचरित मानस की गूंज
- अगली लड़ाई होगी अलग तरह की: भारतीय सेना का संकेत
- ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है
आतंकियों पर था हमला, पाकिस्तानी सेना ने खुद को शत्रु घोषित किया: एयर मार्शल भारती
भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने स्पष्ट शब्दों में कहा – “हमारी लड़ाई आतंकियों से है, पाकिस्तानी सेना ने उन्हें संरक्षण दिया, तो उन्हें भी जवाब मिला।” उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन एकतरफा नहीं था, बल्कि पाकिस्तान की ओर से मिली प्रतिक्रिया के जवाब में भारत ने भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
भारतीय वायुसेना के अनुसार, पाकिस्तान ने चीनी मूल की मिसाइलें, UAV और ड्रोन का प्रयोग किया, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते निष्क्रिय कर दिया।
एयर डिफेंस की परतें और रणनीतिक गहराई: एक आधुनिक युद्ध का खाका
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की बहु-स्तरीय एयर डिफेंस प्रणाली को ‘क्रिकेट एशेज’ की रणनीति से जोड़ते हुए समझाया कि कैसे रडार, विंटेज से लेकर मॉडर्न एयर डिफेंस सिस्टम तक की परतें दुश्मन की किसी भी कोशिश को विफल कर सकती हैं।
“हमारी एयरफील्ड तक पहुँच पाना किसी के लिए भी आसान नहीं। चाहे कितनी भी अत्याधुनिक तकनीक हो, हमारी रक्षा-दीवारें हमेशा सजग हैं।उन्होंने भारत के क्रिकेटर विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास की चर्चा कर माहौल को मानवीय स्पर्श भी दिया और कहा कि “140 करोड़ देशवासी हमारी ताकत हैं।”
नौसेना की निगरानी और हमले की तैयारी: हर क्षण अलर्ट मोड में
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि नौसेना ने मल्टी-सेंसर नेटवर्क की मदद से संभावित खतरे पहचाने और उन्हें त्वरित ढंग से न्यूट्रलाइज किया। मिग-29 विमान एयरक्राफ्ट कैरियर से तैनात थे, जो रात और दिन की स्थिति में भी ऑपरेट करने में सक्षम हैं।
“हमने दुश्मन जहाजों को सैकड़ों किमी. दूर से ही रोक दिया। यह हमारी तैयारियों का प्रमाण है।”
‘रण होगा अब याचना नहीं’: सैन्य भाषा में रामचरित मानस की गूंज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम चरण में जब पत्रकारों ने सवाल किए, तो एयर मार्शल भारती ने रामचरितमानस और रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए पाकिस्तान को सांकेतिक चेतावनी दी:
“विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत,
बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीत।”
उन्होंने कहा कि तुर्किये के ड्रोन हों या किसी अन्य देश की टेक्नोलॉजी – भारत हर मोर्चे पर लड़ने को तैयार है। यह नई युद्ध शैली है – हाईब्रिड, मल्टी-डायमेंशनल और टेक्नोलॉजी-इंटेंसिव।
अगली लड़ाई होगी अलग तरह की: भारतीय सेना का संकेत
एयर मार्शल भारती ने कहा कि यह युद्ध एक विशिष्ट रणनीति के तहत लड़ा गया, लेकिन “अगली लड़ाई इससे अलग तरह की होगी।” यह इशारा था कि भारत अब विविध प्रकार की युद्ध परिस्थितियों में खुद को झोंकने और जीतने की रणनीति पर कार्य कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है
‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत की सैन्य रणनीतिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और राजनीतिक संकल्प का प्रतीक है। यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब आतंकवाद को सीमाओं तक सीमित रखने के बजाय, उसकी जड़ों तक पहुँच कर उसे नेस्तनाबूद करने की नीति पर चल पड़ा है। इस ऑपरेशन में समन्वय, सामर्थ्य और संकल्प – तीनों का समावेश दिखाई दिया।