विधानसभा पोर्टिको में गूंजे “जय श्रीराम” के नारे, रामनवमी DJ बैन पर विपक्ष का प्रदर्शन

Anand Kumar
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Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन सदन के बाहर सियासी तापमान चरम पर दिखा। कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा के पोर्टिको में “जय श्रीराम” के नारों के बीच भाजपा और आजसू के विधायक तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए।

मौके पर मौजूद विधायकों के हाथों में भगवान राम की तस्वीरें थीं और बैनरों पर हजारीबाग के बड़कागांव क्षेत्र के महूदी में रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर प्रशासनिक रोक का विरोध दर्ज किया गया।


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“तुष्टीकरण” का आरोप, सरकार पर सीधा हमला

विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने एक विशेष समुदाय को खुश करने के लिए डीजे पर प्रतिबंध लगाया है।

हजारीबाग के भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि “ऐसे तुगलकी फैसले को स्थानीय जनता नहीं मानेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सदन के अंदर भी जोर-शोर से उठाया जाएगा।


“परंपराओं पर चोट” बनाम “कानून-व्यवस्था का सवाल”

विपक्ष का तर्क है कि इस तरह के प्रतिबंध स्थानीय धार्मिक परंपराओं और उत्सवों पर सीधा असर डालते हैं।

वहीं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जिस महूदी क्षेत्र को संवेदनशील बताया जा रहा है, वह लगातार संवेदनशील क्यों बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के बजाय उन्हें अप्रत्यक्ष संरक्षण दिया जा रहा है, जिसके कारण ऐसे प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।


मंत्री की चेतावनी: “उकसाने वालों पर होगी कार्रवाई”

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने इस विरोध को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।

मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि रामनवमी मनाने पर कोई रोक नहीं है, बल्कि सिर्फ डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह निर्णय कोर्ट के निर्देश और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को ध्यान में रखकर लिया गया है।

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल बिगाड़ने या लोगों को उकसाने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


विधानसभा के बाहर से सदन तक गूंजेगा मुद्दा

विधानसभा परिसर में शुरू हुआ यह विरोध अब सदन के अंदर भी गूंजने के आसार हैं। विपक्ष ने साफ संकेत दिया है कि रामनवमी, धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा।

इस मुद्दे ने सत्र के अंतिम दिन भी राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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