दिल्ली दंगा केस में शरजील इमाम को राहत, कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत दी

Anand Kumar
3 Min Read

New Delhi : दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम को कड़कड़डूमा कोर्ट से सोमवार को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने शरजील इमाम को अपने भाई की शादी में शामिल होने और बीमार मां की देखभाल करने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी है।एडिशनल सेशन जज समीर बाजपेई की अदालत ने शरजील को 20 मार्च से 30 मार्च तक अंतरिम जमानत दी है।शरजील इमाम ने अदालत में अर्जी देकर 10 दिनों की अंतरिम रिहाई की मांग की थी। उनकी ओर से वकीलों ने दलील दी कि उनके सगे भाई की जल्द ही शादी होने वाली है, ऐसे में परिवार में उनकी मौजूदगी जरूरी है।साथ ही यह भी बताया गया कि उनकी मां की तबीयत काफी खराब है और उनकी देखभाल करने वाला कोई दूसरा नहीं है। इन परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने मानवीय आधार पर राहत देते हुए शरजील इमाम को 10 दिनों के लिए जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी।

यह भी पढ़ें – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मातृशक्ति को नमन’ सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

दिल्ली के पूर्वोत्तर इलाकों में हिंसा उस समय हुई थी जब साल 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे थे।हिंसा और आगजनी के दौरान 53 लोगों की मौत हुई थी। आक्रोशित लोगों ने केंद्र सरकार के फैसलों — राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) — के खिलाफ प्रदर्शन किए थे।हालांकि, दिल्ली पुलिस के आरोपों में प्रदर्शनकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए।

शाहीन बाग धरने से भी जुड़ा नाम

सीएए और एनआरसी के विरोध में सबसे लंबा चलने वाला धरना शाहीनबाग में जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने खड़ा किया था और यहीं दिल्ली दंगों की साजिश भी रची गई।शरजील के अलावा जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद, जामिया और आईआईटी के छात्रों ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी।दूसरी तरफ जेएनयू के अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप की भी साजिश रचने में बड़ी भूमिका थी।

दिल्ली पुलिस का क्या दावा?

यह दावा दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र में किया था।स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार शरजील के बयान को साजिश संबंधी आरोप पत्र में रखा गया। इसके अनुसार पांच दिसंबर को जेएनयू में अल्पसंख्यक संगठन के बैनर तले 300 से अधिक छात्र मिले।छह दिसंबर को ओखला, निजामुद्दीन और पुरानी दिल्ली में कैब से हजारों पर्चे बांटे गए। इसे कई कस्बों और शहरों में भी बांटा गया।

यह भी पढ़ें – किडनी की बीमारियों से बचाएगी ‘EAT-Lancet’ डाइट: भारत में 13 करोड़ से ज्यादा मरीज, जानें क्या है यह जादुई फूड मॉडल

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *