पाकुड़ में नाबालिग छात्रा ने दिखाया साहस, रुकवाया अपना बाल विवाह

Anand Kumar
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Pakur : जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र से एक सकारात्मक और प्रेरक खबर सामने आई है, जहां 15 वर्षीय छात्रा ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ खड़े होकर न सिर्फ अपना भविष्य सुरक्षित किया, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश भी दिया।

पढ़ाई को चुना, कम उम्र की शादी को ठुकराया

जानकारी के अनुसार महेशपुर क्षेत्र के एक विद्यालय में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के परिजनों ने उसका विवाह तय कर दिया था। पढ़ाई जारी रखने और कम उम्र में विवाह के बंधन में बंधने से बचने के लिए छात्रा ने साहस दिखाया और सीधे अपने स्कूल पहुंच गई।

स्कूल में उसने शिक्षकों को पूरी स्थिति से अवगत कराया और स्पष्ट रूप से शादी से इनकार कर दिया। यह कदम न केवल उसकी जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

स्कूल और पुलिस की त्वरित कार्रवाई

विद्यालय प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत महेशपुर थाना प्रभारी Ravi Sharma को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा के घर पहुंचकर प्रस्तावित विवाह को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया।

पुलिस की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।


बाल विवाह पर कानून क्या कहता है?

भारत में Prohibition of Child Marriage Act के तहत बाल विवाह दंडनीय अपराध है। इस कानून के अनुसार:

  • लड़की की न्यूनतम विवाह योग्य आयु 18 वर्ष
  • लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष
  • बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान

इस घटना ने यह साबित किया कि जागरूकता, शिक्षा और प्रशासनिक सक्रियता मिलकर सामाजिक कुरीतियों को रोक सकती है।


समाज के लिए संदेश

यह घटना केवल एक विवाह रुकने की खबर नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि:

  • बेटियों को शिक्षा का अधिकार है
  • कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य और भविष्य दोनों प्रभावित होते हैं
  • अगर साहस दिखाया जाए, तो व्यवस्था साथ खड़ी होती है

बुद्धिजीवी वर्ग और स्थानीय लोगों ने छात्रा के इस साहसिक कदम की सराहना की है। यह मामला अन्य किशोरियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और जरूरत पड़ने पर आवाज उठाएं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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