वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘युवाशक्ति’ पर केंद्रित बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और आम आदमी से जुड़े कई अहम ऐलान किए

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में छात्राओं की शिक्षा को सुगम बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि देश के हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल की स्थापना की जाएगी।उन्होंने कहा कि इस पहल से दूरदराज और ग्रामीण इलाकों की लड़कियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में सुविधा मिलेगी और महिला शिक्षा में व्यापक सुधार आएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी बड़ी घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बायो-फार्मा सेक्टर के विकास से कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी। सरकार का उद्देश्य है कि आधुनिक रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर इलाज का खर्च आम लोगों की पहुंच में लाया जाए। वित्त मंत्री ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस फंड का उद्देश्य ज्यादा नौकरियां पैदा करना और तय मानदंडों के आधार पर उद्यमों को बढ़ावा देना है, जिससे छोटे कारोबारियों और स्टार्ट-अप्स को सीधा लाभ मिलेगा।
कॉर्पोरेट और म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि कॉर्पोरेट बॉन्ड पर टोटल रिटर्न स्वैप पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को मजबूत करने के लिए, अमृत योजना के तहत ₹1,000 करोड़ से अधिक के बॉन्ड जारी करने पर बड़े शहरों को ₹100 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जाएगा।खादी और हस्तशिल्प से ग्रामीण रोजगार को बलआम लोगों और कारीगरों को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं का ऐलान किया। इनमें टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम, नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम और चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क शामिल हैं।उन्होंने कहा कि खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी, जिससे ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।