नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा ऐलान किया है। रविवार शाम इंस्टाग्राम पर जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठा रही है और पेपर लीक जैसे अपराधों पर अब और सख्ती की जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया, वे आज जेल में हैं और ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को संसद में पेपर लीक रोकने के लिए कठोर प्रावधानों वाला संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें दोषियों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान होगा।

परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स का गठन
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार केवल दोषियों को सजा देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य की परीक्षा प्रणाली को भी पूरी तरह सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना चाहती है। इसके लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय परीक्षा सुधार उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया गया है।
यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, पारदर्शिता बढ़ाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की सिफारिश करेगी।

नंदन नीलेकणी का प्रशासनिक अनुभव
नंदन नीलेकणी इससे पहले भी कई महत्वपूर्ण सरकारी समितियों और परियोजनाओं का नेतृत्व कर चुके हैं। वे आधार (UIDAI) के पहले अध्यक्ष रहे हैं, वित्त मंत्रालय के टेक्नोलॉजी एडवाइजर ग्रुप (TAGUP) का नेतृत्व कर चुके हैं, ई-गवर्नेंस से जुड़ी विशेषज्ञ समिति की अध्यक्षता कर चुके हैं और ONDC की सलाहकार परिषद के सदस्य भी रहे हैं। हाल ही में वे इंडिया एनर्जी स्टैक टास्क फोर्स के मुख्य मार्गदर्शक भी रहे हैं।
लगातार तीसरा वीडियो संदेश
पिछले चार दिनों में प्रधानमंत्री मोदी का यह तीसरा वीडियो संदेश है। इससे पहले उन्होंने 23 जुलाई को पेपर लीक रोकने के लिए संसद में संशोधन विधेयक लाने की घोषणा की थी। अगले दिन उन्होंने सोशल मीडिया पर मिले सुझावों और समर्थन के लिए लोगों का धन्यवाद भी दिया था।
23 जुलाई की रात 12 बजे अपने X हैंडल पर पोस्ट किए 2.56 मिनट के वीडियो मैसेज में मोदी ने कहा था –

पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया।

सोमवार को संसद में पेश होगा संशोधन विधेयक
सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन के तहत पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा, भारी जुर्माना, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने तथा रोजाना सुनवाई जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करना और छात्रों के भविष्य की रक्षा करना है।
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