नेपाल में आई भीषण बाढ़ एवं सवाही ने बड़े पैमाने पर बवाल मचा दिया है। बाढ़ एवं भूस्खलन के बीच जल विद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले कई मजदूरों की जिंदगी खतरे में पड़ चुकी है। कहीं लोग जान बचाने के लिए पहाड़ों पर चढ़ते नजर आ रहे हैं तो कहीं सुरंगों में पानी भरने के बाद मजदूरों ने कई घंटों तक जिंदगी और मौत के बीच का संघर्ष किया था। ऐसे ही एक भयावह घटना में कुछ मजदूर बाढ़ का पानी तेजी से सुरंग में घुसने के बाद अंदर ही फंस गए, जिसमें पानी की स्तर लगातार बढ़ रही थी और बाहर निकालने का रास्ता भी आसान नहीं था। ऐसे में मजदूरों ने सुरंग से लगी लोहे की सीढ़ियों को पकड़कर अपनी जान बचाने की कोशिश की, जिसके बाद बताया गया कि छह लोगों ने करीब छह घंटे तक एक सीढ़ी से दूसरी सीढ़ी तक चढ़ते हुए खुद को सुरक्षित रखने की जद्दोजहद की, जिसके लिए हर पल जिंदगी और मौत के बीच का फैसला भी था।
नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल हैं। रस्मे अचानक ही बाढ़ अपने साथ भारी मलबा, चट्टान और कीचड़ लेकर आई, जिससे कई जल विद्युत परियोजनाएं एवं सुरंगों को नुकसान भी पहुंचा है। कई जगहों पर सुरंगों के रास्ते मलबे से बंद हो गए, जिस कारण अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना बचाव दल के लिए बेहद मुश्किल हो गया।
इस बाढ़ के दौरान, अपर त्रिशूली एक जल विद्युत परियोजना में मौजूद कर्मचारियों ने भी अपनी जान बचाने के लिए उच्चाई और पहाड़ पर शरण ली। कर्मचारियों ने यह बता दिया कि अचानक पानी बढ़ने के बाद उनके पास सोचने का भी समय नहीं था, जिससे उन्होंने पहाड़ की ओर चढ़कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की कोशिश की और कई लोगों ने घंटों पैदल चलकर अपनी जान भी बचाई।