PM Modi की युवाओं से अपील: इंस्टाग्राम पर हैंडलूम में बनाएं GRWM रील्स, बढ़ाएं भारतीय बुनकरों का सम्मान

Anand Kumar
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से भारतीय हैंडलूम को बढ़ावा देने का अपील किया, जिसमें, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो के तहत बताया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वह सोशल मीडिया एवं खासकर इंस्टाग्राम पर GRWM वीडियो भारतीय हैंडलूम परिधानों मैं बनाए। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक भारतीय बुनकरों को प्रोत्साहन भी मिलेगा और देश की समृद्ध हस्तकरघा विरासत को नहीं पहचान भी मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया में युवाओं तक पहुंचना सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। अगर ऐसे में युवा हैंडलूम पहन कर रेल बनाएंगे तो भारतीय वस्त्र परंपरा को देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में नहीं पहचान मिलेगी। उन्होंने युवाओं से स्थानीय उत्पादों को अपनाने एवं ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूत बनाने का अपील किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय हैंडलूम के ऐतिहासिक विरासत का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का हैंडलूम उद्योग सर्दियों में सबसे पुराना है और यह देश की संस्कृति एवं कला और कारीगरी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसमें देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक बुनाई एवं हस्तकरघा उत्पादन में न केवल भारत की संस्कृति विविधता को दर्शाया है बल्कि लाखों बुनकर परिवारों की आजीविका का भी आधार है।

उन्होंने यह कहा है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी एवं हैंडलूम का विशेष महत्व था जिसमें महात्मा गांधी जी ने स्वदेशी आंदोलन के माध्यम से खादी एवं हस्तकरघा को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनाया था। इसी के साथ, आज भी, हैंडलूम केवल एक कपड़ा नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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