हजारीबाग में PIB रांची का ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम, विकसित भारत 2047 और श्रम संहिताओं पर पत्रकारों से संवाद

Hazaribag : भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रांची द्वारा 9 जनवरी 2026 को हजारीबाग स्थित होटल केनरी इन में जिले के पत्रकारों के साथ एक दिवसीय “वार्तालाप” कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर मीडिया के साथ प्रत्यक्ष एवं संवादात्मक विमर्श स्थापित करना था।
इस अवसर पर विकसित भारत रोजगार आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – VB G RAM G 2025, चार नए श्रम संहिता, 2025 तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी एवं पत्र सूचना कार्यालय, रांची के कार्यालय प्रमुख श्री राजेश सिन्हा ने कहा कि वार्तालाप जैसे कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच विश्वास एवं सहयोग को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की भूमिका केवल सूचना प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे जनहितकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी.बी. शर्मा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में पत्र सूचना कार्यालय एवं केंद्रीय संचार ब्यूरो, पूर्वी भारत के महानिदेशक श्री टी.वी.के. रेड्डी (कोलकाता) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय (NUSRL), रांची के सहायक प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय मयंक, समाचार एजेंसी आईएएनएस के झारखंड प्रमुख एवं रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री शंभू नाथ चौधरी, दूरदर्शन समाचार, रांची के प्रमुख श्री दिवाकर कुमार तथा बीएसएफ मेरु कैंप, हजारीबाग के कमांडेंट श्री सुरेंद्र सिंह मलिक ने सहभागिता की।
विशिष्ट अतिथि श्री टी.वी.के. रेड्डी ने ग्रामीण पत्रकारों से संवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “किसी भी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सकारात्मक, तथ्यपरक और जिम्मेदार नैरेटिव आवश्यक है।” उन्होंने VB G RAM G को ग्रामीण भारत में रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी पहल बताया।
विकसित भारत 2047 के लिए समय के अनुरूप नीतिगत बदलाव आवश्यक : प्रो. (डॉ.) सी.बी. शर्मा
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) सी.बी. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समय के अनुरूप नीतिगत बदलाव आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास अनिवार्य है। VB GRAM G को प्रधानमंत्री के विकास मॉडल का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मिशन के माध्यम से श्रम-आधारित व्यवस्था से तकनीक-आधारित व्यवस्था की ओर परिवर्तन हो रहा है, जिससे भविष्य में पलायन कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त बनेगी।
विशेष वक्ता डॉ. मृत्युंजय मयंक ने VB GRAM G के अंतर्गत आने वाली कानूनी प्रक्रियाओं तथा चार नए श्रम संहिताओं के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि नए श्रम कानूनों के तहत असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य लाभ प्रदान किए गए हैं, जिससे श्रमिक कल्याण के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को भी बढ़ावा मिला है।आईएएनएस के झारखंड प्रमुख श्री शंभू नाथ चौधरी ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसके ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने का माध्यम बना और आज भी यह राष्ट्रीय एकता, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।

दूरदर्शन समाचार, रांची के प्रमुख श्री दिवाकर कुमार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में VB G RAM G की भूमिका पर चर्चा करते हुए कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण विकास के बिना विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने सतत विकास, जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार के विभिन्न पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।बीएसएफ मेरु कैंप, हजारीबाग के कमांडेंट श्री सुरेंद्र सिंह मलिक ने अपने संबोधन में कैंप की गतिविधियों, सीमा सुरक्षा बल की भूमिका और सामाजिक सहभागिता से जुड़े अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश सिन्हा और श्री गौरव पुष्कर द्वारा किया गया। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से पत्रकारों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा प्रतिभागी पत्रकारों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया। समापन वक्तव्य श्री गौरव कुमार पुष्कर, समाचार संपादक द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पूर्व पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के द्वारा उन्होंने आज के वार्तालाप के सभी तीन विषयों के विशेष पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।यह वार्तालाप कार्यक्रम मीडिया और प्रशासन के बीच संवाद को सशक्त करने, सरकारी नीतियों की सही जानकारी प्रसारित करने तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल सिद्ध हुआ।