पहलगाम हमला : PM शरीफ समेत पाक क्रिकेटरों के सोशल अकाउंट ब्लॉक, वाघा बॉर्डर दो दिन बाद खुला

Anand Kumar
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टीआरएफ ने पहले ली जिम्मेदारी फिर किया इनकार; खड़गे बोले- पहलगाम हमले पर सरकार की रणनीति साफ नहीं

New Delhi : 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बायसरन घाटी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में भारी तनाव आ गया है। इस हमले में 28 निर्दोष पर्यटकों की मौत हुई, जिसे हाल के वर्षों का सबसे भयावह आतंकी हमला माना जा रहा है। घटना की जिम्मेदारी The Resistance Front (TRF) ने ली थी, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने बयान से इनकार कर दिया।

◾ भारत की कूटनीतिक और डिजिटल कार्रवाई

भारत सरकार ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए। सबसे पहले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के YouTube और Instagram अकाउंट को भारत में ब्लॉक कर दिया गया। इसके साथ ही पाकिस्तान के प्रमुख क्रिकेटरों – बाबर आज़म, हारिस रऊफ, मोहम्मद रिज़वान और शाहीन अफरीदी के इंस्टाग्राम अकाउंट्स भी भारत में प्रतिबंधित कर दिए गए।

इस कदम को सोशल मीडिया और डिजिटल कूटनीति के क्षेत्र में भारत की आक्रामक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

◾ सिंधु जल समझौता निलंबित, बॉर्डर बंद

इसके अलावा, भारत ने 1960 के सिंधु जल संधि को भी अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया और अटारी-वाघा बॉर्डर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। हालांकि 2 मई को यह सीमा द्वार दो दिन बाद फिर से खोला गया, और 21 पाकिस्तानी नागरिकों को भारत से पाकिस्तान लौटने की अनुमति दी गई।

◾ खड़गे का बयान: रणनीति अस्पष्ट, लेकिन सरकार के साथ

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “सरकार की रणनीति अब तक स्पष्ट नहीं है”, लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के साथ है और राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए

◾ NIA की जांच में खुलासे, सुरक्षा चूक उजागर

हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकवादियों ने 20-22 घंटे तक कठिन पहाड़ी क्षेत्रों से पैदल यात्रा कर हमला किया। जांच एजेंसियों को इस बात पर भी चिंता है कि खुफिया अलर्ट के बावजूद स्थानीय सुरक्षा बलों ने उसे गंभीरता से नहीं लिया

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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