तीन जिलों की पुलिस का बड़ा एक्शन, दो अपराधी गिरफ्तार, चार पिस्तौल और करीब 60 जिंदा कारतूस बरामद
धनबाद/रांची/रामगढ़ : झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात प्रिंस खान गैंग को करारा झटका दिया है। धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार को मिली सटीक खुफिया सूचना के आधार पर धनबाद, रांची और रामगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने रामगढ़ जिले के भुरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित रिवरसाइड केंद्रीय विद्यालय के समीप विशेष अभियान चलाया। पुलिस और अपराधियों के आमने-सामने आते ही दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मुठभेड़ के दौरान प्रिंस खान गिरोह का सक्रिय सदस्य शिवराज उर्फ शिवा पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से घायल हो गया। गोली उसके दाहिने पैर में लगी। घायल अवस्था में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया।
संयुक्त अभियान के दौरान कुजू क्षेत्र से गिरोह के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार इस कार्रवाई में पुलिस ने दो अपराधियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
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पहले राहुल दुबे के लिए करता था काम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शिवराज उर्फ शिवा पहले कुख्यात अपराधी राहुल दुबे के लिए काम करता था। बाद में वह प्रिंस खान गिरोह से जुड़ गया और गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया। वह करीब एक माह पहले ही जेल से बाहर आया था। पुलिस के अनुसार, वह कई संगीन मामलों में वांछित था, जिनमें दसई मांझी के घर पर हुई गोलीबारी की घटना भी शामिल है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवराज का परिवार पहले भी अपराध और हिंसा की घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। उसके पिता बिहारी राम की इसी वर्ष फरवरी में सयाल क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कुल चार पिस्तौल, करीब पांच दर्जन जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। पुलिस का मानना है कि बरामद हथियार किसी बड़ी आपराधिक साजिश की ओर संकेत करते हैं।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से प्रिंस खान गिरोह के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति करने वालों और अन्य सक्रिय सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। इसके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
धनबाद, रांची और रामगढ़ पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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