रांची में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- कार्यकर्ता झारखंड में कमल खिलाने को तैयार
रांची। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने झारखंड में कथित अराजकता और अव्यवस्था के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष का ऐलान किया है। उन्होंने राज्य के छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाया। कार्यकर्ताओं से कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठाएं। रांची के कांके स्थित सुकुरहुटू के हवेली बैंक्वेट हॉल में भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक का उद्घाटन सत्र था। इसी में उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
“झारखंड मेरा जन्मस्थान”
नवीन ने भाषण की शुरुआत निजी जुड़ाव से की। उन्होंने कहा कि झारखंड उनका जन्मस्थान है और उनकी पढ़ाई का बड़ा हिस्सा यहीं बीता है। इसलिए यहां किसी कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार-झारखंड के एक रहते भी भाजपा की जड़ें इस इलाके में ज्यादा मजबूत थीं। उनके मुताबिक बिहार में पार्टी के विस्तार की शुरुआत भी झारखंड की “पवित्र भूमि” से ही हुई थी।

बंगाल का उदाहरण, झारखंड पर भरोसा
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपरीत हालात में भी वहां के कार्यकर्ता डटे रहे और पार्टी ने चुनाव जीता। उन्होंने कहा, जब बंगाल जीता जा सकता है तो झारखंड तो भाजपा का गढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का काम, विचार और नेतृत्व राज्य के हर कोने में मौजूद है। बस इसके लिए समय देने की जरूरत है। झारखंड में भाजपा की सरकार बनाना ही कार्यकर्ताओं का लक्ष्य होना चाहिए।
छात्रों और कानून-व्यवस्था पर आंदोलन का निर्देश
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नेताओं को साफ निर्देश दिए:
- झारखंड के युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाए।
- विधानसभा स्तर के स्थानीय मुद्दे चिह्नित कर उन पर संघर्ष हो।
- कानून-व्यवस्था के सवाल पर जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाए।
- पूरा संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य में छात्र अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब यहां के कांग्रेस नेता उनके समर्थन में एक शब्द नहीं बोले।
केंद्रीय योजनाओं का जिक्र
नवीन ने कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार न होने के बावजूद बड़े पैमाने पर केंद्रीय योजनाओं का लाभ यहां की जनता को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत की शुरुआत झारखंड की धरती से हुई थी और आज देश के करोड़ों लोग इसका लाभ ले रहे हैं।
बिरसा मुंडा, जनजातीय गौरव दिवस और आदिवासी सम्मान
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के यश और तप को झारखंड की पहचान बताया। 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के साथ “जनजातीय गौरव दिवस” घोषित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भाजपा के नेतृत्व में मिलने का भी उन्होंने जिक्र किया। उनका दावा था कि आदिवासी समाज को इतना सम्मान पहले कभी नहीं मिला।

कार्यकर्ताओं को “मंत्र”
कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे ईमानदारी से निभाएं। पार्टी के फैसलों को जमीन तक ले जाना मिशन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पार्ट टाइम नहीं, 24×7 राजनीति करते हैं और “नेशन फर्स्ट, सेल्फ लास्ट” के भाव से काम करते हैं।
31 जिलों के अध्यक्षों के साथ अलग बैठक
कार्यसमिति से पहले नवीन ने राज्य के सभी 31 सांगठनिक जिलों के अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ संयुक्त बैठक की। उन्होंने संगठन की गतिविधियों की जानकारी ली और पार्टी को मजबूत करने के लिए मार्गदर्शन दिया।
पारंपरिक अंदाज में स्वागत
बैठक स्थल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत झारखंडी परंपरा के अनुसार हुआ। लोटा-पानी की रस्म, ढोल-नगाड़े, पुष्पवर्षा, पाइका और छऊ नृत्य से उनका अभिनंदन किया गया। बैठक की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर माल्यार्पण और ‘वंदे मातरम्’ से हुई। मंच पर बैठे वरिष्ठ पदाधिकारियों को पारंपरिक जनजातीय शॉल और छऊ मुखौटा भेंट किए गए।
ये रहे मौजूद
मंच पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी थे। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा और चम्पई सोरेन, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और प्रदेश सह-प्रभारी निवेदिता सिंह भी शामिल हुए। राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के साथ महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी व मनोज सिंह समेत सांसद, विधायक और कार्यसमिति सदस्य भी मौजूद रहे।