निखार सबलोक हत्याकांड: 11 गोलियां, 3.5 एकड़ जमीन और गैंगवार कनेक्शन… अब तक क्या-क्या हुआ?

Anand Kumar
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अब तक 7 गिरफ्तार, सिंटू सिंह इंदौर से पकड़ा गया; पुलिस खंगाल रही हत्या की पूरी साजिश, शूटरों से लेकर पर्दे के पीछे के किरदारों तक

जमशेदपुर: होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस लगातार नए सुराग जोड़ रही है। 24 अगस्त को चांडिल के 10th Mile Resort में दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद शुरू हुई जांच अब जमीन विवाद, पुरानी दुश्मनी, कथित सुपारी और आपराधिक गिरोहों के कनेक्शन तक पहुंच गई है।

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मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें कथित मुख्य साजिशकर्ता अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह भी शामिल है, जिसे पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया। उसके पास से पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और एक बाइक बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।

वहीं पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। फरार शूटरों और हत्याकांड के पीछे मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल जारी है। कोल्हान डीआईजी ने भी गिरफ्तार और फरार आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने तथा संभावित गैंगवार एंगल पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

24 अगस्त को होटल में निखार की हत्या

कदमा के विजया हेरिटेज फेज-6 निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक की 24 अगस्त 2026 को चांडिल थाना क्षेत्र के 10th Mile Resort में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

पुलिस जांच के मुताबिक वारदात अचानक नहीं हुई थी। निखार की करीब एक सप्ताह तक रेकी किए जाने की बात सामने आई है। घटना वाले दिन दो शूटर होटल पहुंचे और निखार पर बेहद नजदीक से 11 गोलियां चलाई गईं।

घटना के बाद पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त जांच शुरू हुई। CCTV फुटेज, मोबाइल फोन, वाहन और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने धीरे-धीरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

दुमका जेल से शुरू हुई थी साजिश?

जांच में पुलिस के सामने जो कहानी आई, उसके मुताबिक निखार की हत्या की साजिश कथित तौर पर दुमका जेल में तैयार हुई थी।

पुलिस ने इस मामले में सबसे पहले सोनारी निवासी अशोक सिंह राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई और उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस सिंह और अंकित सिंह को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार अंकित उन दो शूटरों में शामिल था, जिन्होंने निखार पर गोलियां चलाई थीं। घटनास्थल के CCTV फुटेज में भी अंकित की मौजूदगी सामने आने की बात कही गई।

₹15 लाख या ₹20 लाख? सुपारी की रकम पर दो दावे

निखार हत्याकांड में सुपारी की रकम को लेकर जांच के अलग-अलग चरणों में अलग जानकारी सामने आई है।

3 सितंबर को पुलिस की प्रेस ब्रीफिंग के आधार पर सामने आई रिपोर्टों में कहा गया कि अशोक सिंह राघव ने निखार की हत्या के लिए ₹15 लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने हत्या का मुख्य कारण 3.5 एकड़ जमीन का विवाद और पुरानी दुश्मनी बताया था।

इसके बाद आरोपी अशोक सिंह राघव से पूछताछ के आधार पर सामने आई एक रिपोर्ट में ₹20 लाख की सुपारी का दावा किया गया। इसमें बताया गया कि पहले कुछ शूटरों के प्रयास विफल होने के बाद सागर सिंह उर्फ शिबू और उसके साथी अंकित को बुलाया गया।

इसलिए फिलहाल सुपारी की रकम को लेकर पुलिस जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।

3.5 एकड़ जमीन विवाद बना अहम कड़ी

पुलिस जांच में चांडिल स्थित 3.5 एकड़ जमीन का विवाद सबसे महत्वपूर्ण एंगल के तौर पर सामने आया है।

पुलिस के अनुसार निखार इस जमीन पर होटल प्रोजेक्ट विकसित करना चाहते थे। दूसरी तरफ अशोक सिंह राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के साथ भी इस जमीन को लेकर विवाद की बात सामने आई है।

सिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे इसी जमीन विवाद और शूटरों से उसके संपर्क को लेकर पूछताछ करती रही। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन विवाद हत्या की वास्तविक वजह था या इसके पीछे कोई बड़ा आपराधिक या कारोबारी हित भी जुड़ा हुआ था।

कौन था सिंटू सिंह और कैसे पकड़ा गया?

पुलिस के मुताबिक अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह ने कथित तौर पर शूटरों की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक हत्या के बाद वह रांची से निकलकर पहले बनारस और फिर कानपुर गया। पुलिस की तलाश के बीच वह मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंच गया, जहां एक होटल में उसके ठहरने की सूचना मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया।

सिंटू को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके पास से देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, दो मोबाइल और एक एवेंजर मोटरसाइकिल बरामद करने की जानकारी दी। बाद में उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

सिंटू पर पहले से दर्ज हैं 9 मामले

पुलिस के अनुसार सिंटू सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ बोड़ाम, मानगो, ओलीडीह और आदित्यपुर समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, रंगदारी, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में नौ मामले दर्ज हैं।

पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक संपर्कों और निखार हत्याकांड से जुड़े लोगों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

शूटरों को कहां ठहराया गया था?

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले उत्तर प्रदेश से आए शूटरों और उनके सहयोगियों के रहने की व्यवस्था जमशेदपुर में की गई थी।

पुलिस के मुताबिक सिंटू सिंह ने कथित तौर पर शूटरों के सोनारी में ठहरने की व्यवस्था में भूमिका निभाई। सुनील रजक समेत अन्य आरोपियों की भूमिका भी इसी कड़ी में सामने आई।

पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल लाल रंग की कार को बाद में रांची से बरामद किया गया। शुरुआती जांच में दो देसी पिस्टल, कारतूस और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए गए थे।

रेकी से लेकर हत्या तक ऐसे रची गई थी साजिश

पुलिस के अनुसार निखार की करीब एक सप्ताह तक रेकी की गई थी।

जांच में सामने आया कि वारदात के दिन रितेश सिंह पहले होटल के अंदर गया और निखार के कपड़ों की पहचान शूटरों को बताई। इसके कुछ देर बाद दोनों शूटर अंदर पहुंचे और निखार पर गोलियां चला दीं।

पुलिस के मुताबिक निखार को 11 गोलियां मारी गई थीं। इसके बाद आरोपी लाल रंग की कार से भाग निकले।

सहारा सिटी और गोकुल नगर में भी छापेमारी

सिंटू और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ाया।

पुलिस ने आरोपियों को साथ लेकर मानगो स्थित सहारा सिटी में छापेमारी की। वहां एक फ्लैट की तलाशी ली गई, जहां पुलिस के अनुसार हत्या से पहले कुछ अपराधियों के ठहरने की जानकारी मिली थी।

इसके बाद गोकुल नगर में भी छापेमारी की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों की निशानदेही पर जमीन से कुछ सामान बरामद किया गया, हालांकि पुलिस ने बरामदगी का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया।

इसके अलावा पुलिस ने गोकुल नगर में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। उन पर कथित तौर पर शूटरों को पनाह देने का संदेह था। हालांकि हिरासत में लिए गए सभी लोगों को गिरफ्तार आरोपी मानना अभी उचित नहीं है।

गैंगवार का कनेक्शन कितना बड़ा?

निखार हत्याकांड की जांच में अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोहों के बीच पुराने विवाद का एंगल भी सामने आया है।

जमशेदपुर SSP ने कहा था कि गैंगवार का लिंक जांच में सामने आया है, लेकिन इस पहलू पर अभी विस्तृत जांच की जरूरत है। यानी पुलिस ने इसे संभावित कनेक्शन माना है, अंतिम कारण नहीं।

कोल्हान डीआईजी ने भी गिरफ्तार और फरार आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने तथा अखिलेश और गणेश गिरोहों से जुड़े लोगों और संभावित सफेदपोश कड़ियों पर नजर रखने का निर्देश दिया है।

निखार की हत्या के पीछे सिर्फ जमीन विवाद था या बड़ी साजिश?

यही अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल है।

एक तरफ पुलिस की शुरुआती जांच में 3.5 एकड़ जमीन विवाद और पुरानी दुश्मनी को हत्या का प्रमुख कारण बताया गया। दूसरी तरफ पूछताछ में सामने आए कथित गैंग कनेक्शन और जेल से साजिश रचे जाने की बात इस मामले को और गंभीर बनाती है।

इसके अलावा एक आरोपी के बयान में हत्या को पुरानी रंजिश और बदले की कार्रवाई से जोड़ने का दावा भी सामने आया है। हालांकि यह आरोपी का कथित बयान है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि या अदालत में अंतिम स्वीकार्यता अलग विषय है।

अभी कौन-कौन से सवाल बाकी हैं?

सिंटू सिंह की गिरफ्तारी के बाद भी पुलिस के सामने कई सवाल हैं:

  • हत्या की अंतिम साजिश किसने तैयार की?
  • 3.5 एकड़ जमीन विवाद की वास्तविक भूमिका क्या थी?
  • सुपारी की वास्तविक रकम ₹15 लाख थी या ₹20 लाख?
  • फरार शूटर और अन्य आरोपियों की भूमिका क्या थी?
  • क्या हत्या का संबंध अखिलेश और गणेश गिरोहों की पुरानी दुश्मनी से था?
  • हत्या के पीछे कोई और कारोबारी या सफेदपोश कड़ी है?
  • वारदात में शामिल सभी लोगों तक पुलिस कब पहुंचेगी?

इन सवालों के जवाब आगे की जांच, बरामद साक्ष्यों और अदालत में पेश किए जाने वाले आरोप-पत्र से सामने आएंगे।

अब तक का घटनाक्रम एक नजर में

24 अगस्त: चांडिल के 10th Mile Resort में निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या।

25 अगस्त: पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू की और CCTV व तकनीकी साक्ष्यों की जांच तेज की।

अगले दिनों में: अशोक सिंह राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस और अंकित सिंह समेत छह आरोपियों की गिरफ्तारी।

3 सितंबर: पुलिस ने हत्या में ₹15 लाख की सुपारी, 3.5 एकड़ जमीन विवाद और संभावित गैंगवार कनेक्शन की जानकारी दी।

4 सितंबर के आसपास: पुलिस ने अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को इंदौर से गिरफ्तार किया।

6-7 सितंबर: सिंटू से जमीन विवाद और शूटरों के कनेक्शन को लेकर पूछताछ; सहारा सिटी और गोकुल नगर में छापेमारी।

8 सितंबर: सिंटू सिंह को पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और बाइक की बरामदगी के साथ न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई।

10 सितंबर तक: पुलिस फरार आरोपियों, शूटरों और संभावित पर्दे के पीछे की कड़ियों की तलाश में जांच जारी रखे हुए है। डीआईजी ने ठोस साक्ष्य जुटाने और गैंगवार एंगल पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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