टेंथ माइल स्टोन हत्याकांड का खुलासा: वर्चस्व की जंग और पुराने गैंगवार से जुड़ी हत्या, कानपुर से मुख्य साजिशकर्ता अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार; दुमका जेल में बने संपर्क से शूटरों तक पहुंची सुपारी
सरायकेला/झारखंड: चांडिल के टेंथ माइल स्टोन होटल में 24 अगस्त को हुई होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या की जांच में पुलिस ने बड़ी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे वर्चस्व की लड़ाई और पुराने गैंगवार का बदला लेने की साजिश सामने आई है। इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अभिमन्यु सिंह समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अभिमन्यु सिंह को पुलिस ने कानपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में कथित तौर पर हत्या की योजना, टारगेट चयन और वारदात को अंजाम देने से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। जांच में अब मध्यप्रदेश से एक शूटर की गिरफ्तारी भी हुई है।
पहले कोई और था निशाने पर, फिर निखार को बनाया टारगेट
पुलिस जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, निखार सबलोक शुरू से हत्यारों का पहला टारगेट नहीं था। पहले गणेश सिंह गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई थी। जब यह योजना सफल नहीं हुई तो निखार सबलोक को टारगेट किया गया।
इससे संकेत मिलता है कि हत्या की साजिश अचानक नहीं बनी थी, बल्कि टारगेट बदलने तक की रणनीति तैयार की गई थी।
विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने का एंगल
जांच में हत्या के पीछे दो प्रमुख वजहें सामने आने की बात कही जा रही है—वर्चस्व कायम करना और विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेना।
निखार सबलोक को गणेश सिंह गिरोह का करीबी बताया जाता रहा है। इसी वजह से पुलिस पुराने गैंगवार और आपसी वर्चस्व की लड़ाई के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
हालांकि, इन सभी दावों की अंतिम पुष्टि जांच और पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट से ही होगी।
करीब दस दिन पहले जमशेदपुर पहुंच गए थे शूटर
सूत्रों के अनुसार, निखार की हत्या को अंजाम देने वाले शूटर वारदात से करीब दस दिन पहले जमशेदपुर और आसपास के इलाकों में पहुंच गए थे।
उन्होंने कथित तौर पर निखार की गतिविधियों और आने-जाने के ठिकानों पर नजर रखी। 24 अगस्त को जब निखार चांडिल स्थित टेंथ माइल स्टोन होटल पहुंचा, तब हमलावर कथित तौर पर पहले से ही वहां मौजूद थे।
मौका मिलते ही निखार पर फायरिंग की गई। वारदात के बाद हमलावर अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए।
दुमका जेल से जुड़ी हत्या की कड़ी
पूरे हत्याकांड की जांच में दुमका जेल कनेक्शन को अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, हत्या में शामिल बताए जा रहे कुछ शूटर पहले दुमका जेल में बंद रह चुके हैं। जेल में रहने के दौरान उनकी पहचान अखिलेश सिंह से हुई थी। इसी संपर्क के जरिए शूटरों तक निखार की हत्या की जिम्मेदारी पहुंचने की बात पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस अब इस कड़ी को साजिश से लेकर शूटरों की पहचान, सुपारी और हत्या के बाद फरारी तक जोड़कर जांच कर रही है।
कानपुर से अभिमन्यु की गिरफ्तारी ने खोले राज
मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अभिमन्यु सिंह की कानपुर से गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मामले में अहम जानकारी मिलने की बात सामने आई है।
पूछताछ में कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की योजना किस स्तर पर बनाई गई, शूटरों से संपर्क कैसे हुआ और वारदात को अंजाम देने के लिए किस-किस की भूमिका रही।
मध्यप्रदेश से एक शूटर गिरफ्तार
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मध्यप्रदेश से एक शूटर को गिरफ्तार किया है।
शूटर से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसे निखार की हत्या के लिए किसने संपर्क किया, किसके निर्देश पर वह झारखंड पहुंचा और वारदात से पहले वह कहां-कहां रहा।
अब पुलिस के सामने ये बड़े सवाल
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई अहम सवाल सामने आ रहे हैं—
- निखार को आखिर अंतिम टारगेट क्यों बनाया गया?
- विक्रम शर्मा की हत्या और निखार हत्याकांड के बीच क्या सीधा कनेक्शन है?
- दुमका जेल में बने संपर्क ने शूटरों को किस तरह जोड़ा?
- हत्या की सुपारी किसने दी?
- वारदात के लिए शूटरों को किसने निर्देश दिए?
- हत्या के बाद आरोपियों को भागने में किसने मदद की?
- इस पूरी साजिश में और कितने लोग शामिल हैं?
पुलिस की लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बाद अब जांच का दायरा साजिशकर्ता से लेकर शूटर और उनके नेटवर्क तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच से इस हत्याकांड की पूरी तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
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