Ranchi : करीब 61 दिनों से लापता 12 वर्षीय कन्हैया कुमार को आखिरकार रांची पुलिस ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से सकुशल बरामद कर लिया है। यह सफलता रांची पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) की लंबी और सघन कार्रवाई का नतीजा है, जो बच्चे की तलाश में लगातार कई राज्यों में दबिश दे रही थी।
रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र से लापता कन्हैया की सुरक्षित बरामदगी की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली है। पूरे ऑपरेशन की निगरानी खुद रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन कर रहे थे।
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सात राज्यों में चल रही थी तलाश, कोडरमा से मिला सुराग
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कन्हैया की तलाश में SIT की टीमें झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी लगातार छापेमारी कर रही थीं। इसी दौरान एसएसपी राकेश रंजन को पुख्ता सूचना मिली कि बच्चे को कोडरमा जिले में छिपाकर रखा गया है। सूचना मिलते ही रांची पुलिस की टीम ने कोडरमा पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की और बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बरामदगी के बाद कन्हैया को आवश्यक चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया है और उससे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है।
22 नवंबर से था लापता, मां की आंखें अब भी भर आती हैं
कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम से लापता था। उसकी मां ने पुलिस को बताया था कि कन्हैया ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास स्थित एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय के मैदान में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था। खेल के बाद वह ममता मार्केट के पास पहुंचा, जहां उसकी मां सड़क किनारे फुचका की दुकान लगाती हैं।
मां के अनुसार, कन्हैया ने दुकान पर खुद चाट बनाई, मां को भी खिलाई और यह कहकर निकला कि थोड़ी देर में लौट आएगा। लेकिन उसके बाद वह कभी वापस नहीं आया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। कन्हैया ही पढ़ाई के साथ-साथ शाम को मां की दुकान पर हाथ बंटाता था। पिता अर्जुन साव शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, जबकि बड़े भाई की एक किडनी खराब है।
मानव तस्करी गिरोह पर कार्रवाई के बाद तेज हुई जांच
गौरतलब है कि इससे पहले रांची पुलिस ने बच्चों की चोरी और मानव तस्करी में लिप्त एक संगठित गिरोह का भी पर्दाफाश किया था। इस गिरोह पर बच्चों को अगवा कर भीख मंगवाने, देह व्यापार और अन्य अमानवीय गतिविधियों में धकेलने के गंभीर आरोप हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित SIT ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसी जांच के दौरान कई लापता बच्चों को भी बरामद किया गया, जिसके बाद कन्हैया की तलाश को और तेज किया गया।
पुलिस की बड़ी सफलता, कई सवाल अभी बाकी
हालांकि कन्हैया की सकुशल बरामदगी को रांची पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, लेकिन यह सवाल अभी भी कायम है कि बच्चा इतने दिनों तक कहां और किन हालात में रखा गया था। पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कन्हैया की गुमशुदगी किसी बड़े गिरोह से जुड़ी थी या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
✍️ Editor & Publisher: Anand Kumar