JSSC CGL पेपर लीक: प्रश्नपत्र तैयार करने वाले कर्मचारी ने ही रट लिए थे सवाल-जवाब, CID जांच में बड़ा खुलासा

Anand Kumar
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रांची। झारखंड में JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने कई अहम जानकारियां सामने रखी हैं। जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ी एजेंसी में काम करने वाले समीर कुमार ने परीक्षा से पहले ही सवालों और उनके जवाबों को याद कर लिया था। बाद में वह खुद परीक्षा में शामिल हुआ और सहायक अनुभाग पदाधिकारी (ASO) के पद पर चयनित हो गया।

इस खुलासे के बाद परीक्षा की गोपनीयता, प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया और इससे जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। CID अब कथित पेपर लीक के नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और परीक्षा से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसी में काम करता था समीर

जांच के मुताबिक, समीर कुमार हरियाणा के मानेसर स्थित ICN India एजेंसी में काम करता था। इस एजेंसी को प्रश्नों की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, प्रश्नों के क्रम में बदलाव और OMR शीट तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए थे।

आरोप है कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण समीर को सवालों और उनके जवाबों तक पहुंच मिली। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे और परीक्षा से पहले गोपनीय जानकारी किन लोगों तक पहुंची।

हवाई यात्रा और बैंक खातों के लेन-देन की जांच

CID की जांच में समीर और मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों की दिल्ली से रांची तक हवाई यात्रा का विवरण भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, इन यात्राओं के टिकट और खर्च की व्यवस्था सह-आरोपी सोमांश प्रकाश के माध्यम से किए जाने की बात सामने आई है।

इसके अलावा, समीर के बैंक खातों में UPI के जरिए 98 हजार रुपये और 30 हजार रुपये के लेन-देन की भी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी इन रकम के स्रोत, भुगतान के उद्देश्य और मामले से उनके संभावित संबंध का पता लगाने में जुटी है।

कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी जांच के दायरे में

JSSC CGL मामले की जांच अब रांची के पतंजलि IAS अकादमी और शिवांगन की पाठशाला तक भी पहुंच गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इन संस्थानों के संचालक रवि कुमार और संजीत कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।

CID दोनों संस्थानों के बैंक खातों, आय-व्यय, ऑडिट रिपोर्ट और दूसरे वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही, परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों TDPL और Binsys Technology तथा कोचिंग संस्थानों के बीच संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित पेपर लीक में किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं और यदि थी, तो उसकी कार्यप्रणाली क्या थी।

JSSC CGL परीक्षा रद्द करने पर हाईकोर्ट में भी सुनवाई

JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं का मामला झारखंड हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 8 अक्टूबर 2026 को सुनवाई पूरी हुई और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

सरकार ने परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं का हवाला देते हुए अपने फैसले का बचाव किया, जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से पूरी परीक्षा रद्द करने का विरोध किया गया।

अब अभ्यर्थियों की नजर हाईकोर्ट के फैसले पर है। इस फैसले का असर परीक्षा में सफल हुए उम्मीदवारों और नियुक्ति प्रक्रिया के भविष्य पर पड़ सकता है।

लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़ा मामला

JSSC CGL विवाद ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका जांच में प्रमाणित होती है, तो यह परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का संकेत होगा।

हालांकि, जांच में सामने आए आरोपों और तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

फिलहाल दो सवाल सबसे अहम हैं—प्रश्नपत्र की गोपनीयता में कथित सेंध कैसे लगी और जिन अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से परीक्षा दी, उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

यह भी पढ़ें – JSSC CGL पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित, सरकार ने कहा- परीक्षा में गंभीर गड़बड़ी; अभ्यर्थियों ने रद्द करने का किया विरोध

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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