JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के समर्थन में जयराम महतो का निर्जला उपवास, सरकार से जल्द समाधान की अपील

Anand Kumar
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रांची। झारखंड में JPSC-JSSC सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन के 16वें दिन रविवार को JLKM सुप्रीमो और डुमरी विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में उतर आए। उन्होंने पुराने विधानसभा परिसर में एक दिवसीय निर्जला उपवास शुरू कर सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

जयराम महतो ने कहा कि एक विधानसभा सदस्य होने के नाते आंदोलन में उनकी भागीदारी से सरकार पर कम से कम कुछ अतिरिक्त दबाव जरूर बनेगा। उन्होंने पूरे मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है। उनके मुताबिक, यदि बड़े पैमाने पर नियुक्तियों में पैसे के लेन-देन के आरोप सामने आ रहे हैं तो इसकी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच जरूरी है।

‘सरकार को पता है दोषी कौन हैं’

जयराम महतो ने आरोप लगाया कि सरकार को इस पूरे मामले में दोषियों के बारे में जानकारी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी रकम के लेन-देन का मामला किसी सामान्य अधिकारी या व्यक्ति के स्तर पर अकेले संभव नहीं हो सकता। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे मामले में प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं और पर्दे के पीछे मौजूद लोगों के सामने आने का डर बना हुआ है।

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तीसरे दौर की वार्ता शुरू

इधर, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रविवार को सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत शुरू हुई। इस बैठक में आंदोलन से जुड़े दोनों गुटों के छात्र प्रतिनिधि शामिल हुए। छह सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए पहुंचा है।

शुक्रवार और शनिवार को सरकार और छात्रों के बीच दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन दोनों बैठकें किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं। अब तीसरे दौर की बातचीत से समाधान निकलने की उम्मीद की जा रही है।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ी

आंदोलन के बीच 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत रविवार तड़के करीब 3 बजे बिगड़ गई। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है और स्लाइन के जरिए उपचार दिया जा रहा है।

रांची सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के स्वास्थ्य की जांच की। डॉक्टर एपी सिन्हा के नेतृत्व वाली टीम ने छात्रों को अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन छात्रों ने फिलहाल अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने मौके पर ही आवश्यक उपचार किया।

मेडिकल टीम के अनुसार, लगातार भूख हड़ताल के कारण अनशन पर बैठे छात्रों के वजन में कमी आई है।

शहादत दिवस पर निकाला फ्लैश लाइट मार्च

शहीद निर्मल महतो की शहादत दिवस के मौके पर आंदोलनकारी छात्रों ने शनिवार शाम जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक फ्लैश लाइट मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र इस मार्च में शामिल हुए।

वहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी शनिवार को छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से मुलाकात कर आंदोलन की स्थिति पर बातचीत की।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वकील सत्यम सिंह ने याचिका दायर किए जाने की जानकारी दी है। याचिका में मामले को लेकर विभिन्न मांगें उठाई गई हैं।

इधर राज्य सरकार ने छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए ई-मेल और फीडबैक नंबर जारी किया है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अनुसार, सरकार छात्रों के विभिन्न समूहों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर उनके सुझाव लेगी और उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत जारी है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार दोनों पक्ष किसी ठोस समाधान तक पहुंच पाएंगे या आंदोलन और लंबा खिंचेगा।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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