झारखंड में जल संरक्षण को मिलेगी रफ्तार, केंद्र से मांगे 3000 करोड़

Anand Kumar
2 Min Read

झारखंड सरकार ने जल संरक्षण एवं सिंचाई क्षमता बढ़ाने को लेकर बड़ा रोडमैप तैयार करने का फैसला किया है झारखंड सरकार ने केंद्र से विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए करीब तीन हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद भी मांगी है, जिस मुद्दे को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित दो दिवसीय जल जीवन मिशन के समापन सत्र में उठाया गया।

समिट में झारखंड के जल संसाधन मंत्री हफिजुल हसन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए थे। जल संसाधन मंत्री ने यह बताया है कि झारखंड का करीब तीस प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है एवं राज्य का अधिकांश भू-भाग पठारी है। ऐसे में, बारिश के पानी को रोकना और उसका बेहतर इस्तेमाल करना बेहद जरूरी बताया है।

मंत्री हफिजुल हसन के अनुसार झारखंड में होने वाले करीब अस्सी प्रतिशत बारिश का पानी बहकर निकल जाती है, जिससे, सरकार अब इस पानी को संरक्षित कर साल भर उपयोग में लाने की दिशा में काम करेगी जिसके लिए जल संरक्षण के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। झारखंड में करीब 24.25 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित किए जाने की संभावना भी है लेकिन फिलहाल लगभग दस लाख हेक्टेयर क्षमता ही विकसित हो पाई है

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *