चाईबासा में सनसनीखेज वारदात: मुर्गे को बचाने की कीमत जान देकर चुकाई, कुल्हाड़ी से हत्या

Anand Kumar
3 Min Read
प्रतीकात्मक इमेज

टोंटो के कदमपुर गांव में खौफनाक वारदात, आरोपी ने गुस्से में आपा खोया

Chaibasa : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में महज एक मुर्गे को बचाने की कोशिश एक व्यक्ति के लिए काल बन गई। पत्थर मारने से मना करने पर एक युवक इतना उग्र हुआ कि उसने कुल्हाड़ी से वार कर एक 50 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी।

विवाद की वजह: बेजुबान की रक्षा करना पड़ा भारी

जानकारी के अनुसार, टोंटो थाना अंतर्गत कदमपुर गांव निवासी दामू सिंकू (50 वर्ष) ने अपने ही गांव के परगना सिंकू को एक मुर्गे पर पत्थर मारते हुए देखा था। दामू ने उसे ऐसा करने से मना किया और बेजुबान को न सताने की सलाह दी। बस इतनी सी बात आरोपी को इतनी नागवार गुजरी कि वह आगबबूला हो गया और मौके पर ही अंजाम भुगतने की धमकी देने लगा।

यह भी पढ़ें – झारखंड में ‘अंधविश्वास का खौफनाक डेथ चार्ट’: 4 साल में 73 कत्ल, सिर्फ 5% को सजा

घर से कुल्हाड़ी लेकर लौटा और कर दिया ताबड़तोड़ हमला

विवाद के तुरंत बाद आरोपी परगना सिंकू गुस्से में अपने घर की ओर भागा। वह वहां से एक पैनी कुल्हाड़ी लेकर लौटा और सीधे दामू सिंकू पर टूट पड़ा। इससे पहले कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, आरोपी ने दामू पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। हमले में दामू सिंकू लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, आरोपी फरार

खून से लथपथ दामू को परिजनों ने तत्काल सदर अस्पताल चाईबासा पहुँचाया। लेकिन अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी परगना सिंकू मौके से फरार हो गया है।

यह भी पढ़ें – झारखंड में हादसों का कहर : दंपति का हज का सपना टूटा, मंदिर जा रहे पति-पत्नी की हुई मौत

पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू

घटना की सूचना मिलते ही टोंटो थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। गांव में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा और डर का माहौल बना हुआ है।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर छोटी-छोटी बातों पर बढ़ती हिंसा को कैसे रोका जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मामूली विवादों का इस तरह खतरनाक रूप लेना कानून-व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *