बालिका आवासीय विद्यालय का गार्ड अस्पताल में भर्ती, नवोदय स्कूल का गोलपोस्ट तोड़ा
रांची/झारखंड | झारखंड के अलग-अलग जिलों से स्कूल परिसरों में वन्यजीवों के हमलों की दो घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर सिमडेगा में आवासीय विद्यालय के सुरक्षा गार्ड को जहरीले नाग (कोबरा) ने डंस लिया, वहीं दूसरी ओर चतरा में जंगली हाथी ने स्कूल परिसर में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया। दोनों मामलों में गनीमत रही कि किसी छात्र को शारीरिक क्षति नहीं पहुंची।
सिमडेगा: बालिका आवासीय विद्यालय में कोबरा का हमला
सिमडेगा जिले के पाकुड़दंड प्रखंड स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक जहरीले नाग (कोबरा) ने स्कूल के सुरक्षा गार्ड पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात गार्ड पर सांप ने चार से पांच बार डंस लिया, जिससे पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए गार्ड को तत्काल स्कूटी से सदर अस्पताल सिमडेगा पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज को समय रहते एंटी-वेनम का डोज दिया गया, जिससे उसकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। घटना के बाद छात्राओं और कर्मचारियों में दहशत का माहौल रहा।
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चतरा: जवाहर नवोदय विद्यालय में जंगली हाथी की घुसपैठ
उधर, चतरा जिला मुख्यालय स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में देर शाम एक जंगली हाथी घने जंगलों से निकलकर स्कूल परिसर में घुस आया। हाथी ने चारदीवारी तोड़ते हुए भीतर प्रवेश किया, जिससे छात्रावास और शिक्षकों के क्वार्टर में अफरा-तफरी मच गई। चिंघाड़ की तेज आवाज सुनते ही छात्र और शिक्षक अपनी जान बचाने के लिए कमरों में दुबक गए।
खेल मैदान को बनाया निशाना, लाखों का नुकसान
हाथी ने स्कूल के खेल मैदान में सबसे ज्यादा तबाही मचाई। फुटबॉल गोल पोस्ट उखाड़ दिए गए और अभ्यास के लिए लगाए गए नेट पूरी तरह कुचल दिए गए। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, इस घटना में लाखों रुपये की सामग्री नष्ट हुई है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मैदान में कोई छात्र मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
दो घंटे चला रेस्क्यू, जंगल की ओर खदेड़ा गया हाथी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मशालों और पटाखों की मदद से करीब दो घंटे के अभियान के बाद हाथी को सुरक्षित रूप से रिहायशी इलाके से बाहर निकालकर जंगल की ओर खदेड़ा गया। वन विभाग ने स्कूल प्रबंधन को रात के समय विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है। फिलहाल इलाके में लगातार गश्त की जा रही है।