झारखंड सरकार अपने राजस्व संग्रह के निर्धारित लक्ष्य से फिलहाल करीब छह फीसदी पीछे चल रहा है, जिसमें वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार 11 सितंबर को राजस्व संग्रह की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का निर्देश दिया है, जिसमें उन्होंने भरोसा जताया है कि नवंबर में होने वाली अगली समीक्षा तक झारखंड सरकार निर्धारित लक्ष्य को पार कर देगी।
वित्त मंत्री के मुताबिक झारखंड ने अब तक कुल राजस्व लक्ष्य का करीब 36 फीसदी संग्रह किया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों से राजस्व कैलेंडर में निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर इच्छा-शक्ति एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करने को भी कहा है। राजस्व संग्रह को लेकर हुई समीक्षा के दौरान राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठा दिए हैं। उनका दावा है कि केंद्र के नीतियों के कारण झारखंड को सालाना करीब 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान भी हो रहा है।
राजस्व भराने के लिए झारखंड सरकार अब टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में भी जुट चुकी है। वाणिज्य कर विभाग को फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन, जीएसटी चोरी एवं अवैध कोयला परिवहन पर प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया है। अब नवंबर में होने वाली समीक्षा बैठक पर ही पता चल पाएगी कि जहां राजस्व संग्रह की प्रगति की समीक्षा बढ़ी है या नहीं।