Ranchi : झारखंड के अलग-अलग जिलों से शनिवार को बच्चों की दर्दनाक मौत की दो घटनाएं सामने आईं। एक ओर कोडरमा में तालाब में डूबने से तीन बच्चों की जान चली गई, वहीं पलामू में एक खंडहरनुमा कुएं से दो सगी बहनों के शव बरामद हुए और एक अन्य बच्ची गंभीर अवस्था में मिली। दोनों घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में जलस्रोतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कोडरमा: तालाब में डूबने से तीन बच्चों की मौत
कोडरमा जिला के जयनगर थाना क्षेत्र के कोसमाडीह गांव में शनिवार दोपहर यह हादसा हुआ। तालाब में डूबने से दो किशोरियों और एक किशोर की मौत हो गई।
मृतकों में प्रदीप शर्मा के 10 वर्षीय पुत्र प्रियांशु कुमार, मुकेश शर्मा के 5 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार और रणधीर यादव की 11 वर्षीय पुत्री संध्या कुमारी शामिल हैं।
ग्रामीण मंटू यादव के अनुसार, तीनों बच्चे दोपहर में खेलने के लिए घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। प्रारंभिक आशंका अपहरण की जताई गई, लेकिन एक ग्रामीण ने बताया कि बच्चों को गांव से सटे तालाब की ओर जाते देखा गया था।
तालाब पर पहुंचने पर ग्रामीणों ने तीनों बच्चों को पानी में तैरता पाया। घटना की सूचना जयनगर पुलिस को दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की है।
पलामू: खंडहरनुमा कुएं से दो बहनों के शव, एक बच्ची गंभीर
पलामू जिला के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के मननदोहर गांव में शनिवार दोपहर एक परित्यक्त कुएं से दो सगी बहनों के शव बरामद किए गए।
मृत बच्चियों की पहचान उदेश यादव की 8 वर्षीय पुत्री प्रीति कुमारी और 6 वर्षीय सोनम उर्फ बाबू के रूप में हुई है। एक अन्य 5 वर्षीय बच्ची अंशु कुमारी गंभीर अवस्था में मिली, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर करीब दो बजे कुएं के पास से रोने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर दो बच्चियां पानी में मृत पड़ी थीं, जबकि एक बच्ची हाथ-पैर मार रही थी। उसे बाहर निकालकर इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल छतरपुर ले जाया गया।
परिजनों ने घटना को साजिश करार देते हुए आरोप लगाया है कि एक युवक ने बच्चियों को कुएं में धकेला और फरार हो गया। हालांकि नौडीहा बाजार थाना प्रभारी ने प्रारंभिक तौर पर इसे हादसा मानते हुए सभी पहलुओं से जांच की बात कही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मेदिनीनगर भेजा गया है।
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प्रशासनिक चुनौती और सुरक्षा का सवाल
दोनों घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में खुले तालाबों और परित्यक्त कुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन पर ऐसे जलस्रोतों की घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ रहा है।
गांवों में अक्सर बिना रेलिंग या सुरक्षा इंतजाम के जलस्रोत बच्चों के लिए जोखिम बन जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर जोखिम मानचित्रण और सामुदायिक जागरूकता अभियान की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल दोनों जिलों में पुलिस जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी।
इन घटनाओं से पूरे राज्य में शोक की लहर है और प्रशासन से त्वरित राहत व ठोस सुरक्षा उपायों की मांग उठ रही है।