Ranchi : झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश किया है। सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य के समावेशी विकास को गति देना और अंतिम पंक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट को संतुलित और व्यापक बताते हुए कहा कि इसके परिणाम आने वाले समय में जमीनी स्तर पर दिखाई देंगे। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों और क्षेत्रों को ध्यान में रखकर प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हालिया एयर एंबुलेंस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई।
शिक्षा क्षेत्र में नई पहल
बजट भाषण में शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं:
- चतरा में बाबा भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव
- पहले चरण में 7 जिलों में 12 नए महाविद्यालय खोलने की योजना
- दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार जॉब-ओरिएंटेड कोर्स की शुरुआत
- 5 नए झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (धनबाद में दो, पलामू, लातेहार और गढ़वा में एक-एक)
- 100 नए उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने का लक्ष्य
- सभी जिलों में ‘सेंटर ऑफ आर्ट डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी’ संचालन की स्वीकृति
सरकार का कहना है कि इन पहलों से उच्च शिक्षा तक पहुंच और कौशल-आधारित शिक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
यह भी पढ़ें – बजट पर सियासी संग्राम : बाबूलाल ने बताया दिशाहीन, इरफान ने किया बचाव, सरयू बोले- नई सोच का अभाव
स्वास्थ्य सेवाओं में संरचनात्मक विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं:
- राज्य के 5 सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में PET और CT स्कैन मशीनों की स्थापना
- इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान
- रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 220 सीटों की वृद्धि
- अगले चार वर्षों में एमबीबीएस सीटों को 1,030 से दोगुना करने का लक्ष्य
- पीजी सीटों को अगले वर्ष 225 से 325 और चार वर्षों में 750 तक बढ़ाने की योजना
सरकार का दावा है कि इससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी और बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
विभागवार प्रमुख आवंटन
सर्वाधिक आवंटन
- महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग: 22,995.69 करोड़ रुपये
- प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा: 16,251.43 करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास विभाग: 12,346.90 करोड़ रुपये
- ऊर्जा विभाग: 11,197.89 करोड़ रुपये
अन्य महत्वपूर्ण विभाग
- गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन: 11,038.53 करोड़ रुपये
- स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण: 7,990.30 करोड़ रुपये
- पथ निर्माण: 6,601.28 करोड़ रुपये
- पेयजल एवं स्वच्छता: 5,194.53 करोड़ रुपये
- ग्रामीण कार्य विभाग: 5,081.74 करोड़ रुपये
कृषि और शहरी विकास
- कृषि एवं संबद्ध प्रक्षेत्र: 4,884.20 करोड़ रुपये
- नगर विकास एवं आवास: 3,919.40 करोड़ रुपये
- अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण: 3,568.19 करोड़ रुपये
अन्य विभाग
- खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले: 2,887.27 करोड़ रुपये
- जल संसाधन: 2,714.71 करोड़ रुपये
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा: 2,564.45 करोड़ रुपये
- पंचायती राज: 2,283.25 करोड़ रुपये
- पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य: 361.67 करोड़ रुपये
- उद्योग विभाग: 541.30 करोड़ रुपये
यह भी पढ़ें – झारखंड : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पेश किया 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ का बजट, केंद्र से बकाया पर सवाल
बजट का समग्र दृष्टिकोण
सरकार के अनुसार यह बजट शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना के माध्यम से दीर्घकालिक विकास की नींव मजबूत करने का प्रयास है। विभागवार आवंटन से यह संकेत मिलता है कि सामाजिक क्षेत्र और मानव संसाधन विकास को प्राथमिकता दी गई है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि घोषित योजनाओं के प्रभाव का आकलन क्रियान्वयन की गति और वित्तीय अनुशासन पर निर्भर करेगा।