जंतर-मंतर लाठीचार्ज पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज पर उठाए सवाल

Anand Kumar
1 Min Read

नई दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई के दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने यह कहा कि शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में किया गया प्रदर्शन संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार है और केवल प्रदर्शन होने के आधार पर लाठीचार्ज को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखना ही अति आवश्यक है लेकिन इसका अर्थ या नहीं की प्रदर्शन कार्यों पर बल प्रयोग किया जाए। CJI नहीं यह भी सवाल उठाया कि यदि स्थिति नियंत्रित से बाहर होने का खतरा था तो पुलिस के पास भीड़ प्रबंधन के बेहतर और काम हिंसक तरीके क्यों नहीं अपनाए।

यह मामला जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान, पुलिस कार्रवाई, लाठी चार्ज, हिरासत, मेट्रो स्टेशन बंद करने और इंटरनेट सेवाएं प्रभावित किए जाने के आरोपों से जुड़ा हुआ है। याचिका कर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *