डॉ राजीव ठाकुर ने बिष्टुपुर थाना में दर्ज करायी शिकायत
जमशेदपुर: शहर के प्रसिद्ध चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव ठाकुर के नाम और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में डॉ. ठाकुर ने बिष्टुपुर थाना में लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. राजीव ठाकुर ने अपने आवेदन में बताया है कि वह बी.आर. सेवा सदन, गाढ़ाबासा और बिष्टुपुर स्थित आर.पी. इंस्टीट्यूट (तुलसी भवन) में मरीजों का इलाज करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी किसी भी क्लीनिक में ऑनलाइन कंसल्टेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
शिकायत के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने गूगल पर उनके क्लीनिक की जानकारी के साथ मोबाइल नंबर 9570429973 अपलोड कर दिया है। इस नंबर पर संपर्क करने वाले मरीजों को संबंधित व्यक्ति ऑनलाइन अपॉइंटमेंट या कंसल्टेशन के नाम पर एक लिंक भेजता है और पहले 10 रुपये भुगतान करने के लिए कहता है।

इसी तरह कदमा निवासी उनकी एक महिला मरीज साइबर ठगी का शिकार हो गई। आवेदन में बताया गया है कि महिला ने गूगल पर डॉ. राजीव ठाकुर की जानकारी खोजने के दौरान उक्त नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद उसे एक लिंक भेजा गया। जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की, उसके बैंक खाते से 5,000 रुपये निकाल लिए गए।
घटना के बाद डॉ. राजीव ठाकुर ने आशंका जताई है कि उनके नाम और प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर अन्य मरीजों को भी इसी तरह ठगी का शिकार बनाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से फर्जी मोबाइल नंबर, ऑनलाइन लिंक और इस पूरे साइबर फ्रॉड गिरोह की पहचान कर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
डॉ. ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि उनके नाम पर किसी भी तरह के ऑनलाइन कंसल्टेशन, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट या अग्रिम भुगतान के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
बिष्टुपुर थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कैसे बचें ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से?
आजकल साइबर अपराधी डॉक्टर, अस्पताल और क्लीनिक के नाम पर गूगल या सोशल मीडिया पर फर्जी मोबाइल नंबर और लिंक अपलोड कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
ऐसे में किसी भी डॉक्टर का नंबर या अपॉइंटमेंट बुक करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट, क्लीनिक या विश्वसनीय स्रोत से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।
यदि फोन पर कोई व्यक्ति ऑनलाइन कंसल्टेशन या अपॉइंटमेंट के नाम पर पहले पैसे जमा करने, किसी लिंक पर क्लिक करने या स्क्रीन शेयर करने के लिए कहे, तो सतर्क हो जाएं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी जानकारी साझा करें।
ठगी का संदेह होने पर तुरंत बैंक को सूचना दें, राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकती है।
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