Jamshedpur : सेवा और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनेगा अर्पण परिवार का महा रक्तदान शिविर, 5100 पौधों का वितरण भी होगा

Anand Kumar
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Jamshedpur : 22 जून को होनेवाला शिविर सिर्फ रक्तदान का नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक महायज्ञ बनेगा : काले

Jamshedpur
अर्पण की बैठक में संबोधित करते अमरप्रीत सिंह काले।

Jamshedpur : समाजसेवा और निःस्वार्थ सेवा भावना की प्रतीक संस्था अर्पण परिवार द्वारा आयोजित महा रक्तदान शिविर की तैयारियाँ अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। यह शिविर आगामी 22 जून, रविवार को जमशेदपुर ब्लड बैंक, धतकीडीह में आयोजित किया जाएगा, जिसमें हज़ारों लोगों के रक्तदान करने की संभावना है।

इस शिविर की विशेषता सिर्फ रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ 5100 पौधों का वितरण भी किया जाएगा, जिससे यह आयोजन सेवा और पर्यावरण संरक्षण – दोनों का प्रतीक बन जाएगा।

सेवा, समर्पण और पर्यावरण का अद्वितीय संगम

इस आयोजन को सफल बनाने हेतु अर्पण परिवार की एक महत्वपूर्ण बैठक आज ब्लड बैंक परिसर में आयोजित की गई। इसमें संस्था के सभी प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे और यह संकल्प लिया गया कि यह शिविर न सिर्फ रिकॉर्ड स्तर पर रक्त संग्रह करेगा, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और पर्यावरण चेतना का नया संदेश भी देगा।

गर्मी के इस मौसम में जब रक्तदाताओं की संख्या कम हो जाती है और ब्लड बैंक में स्टॉक की भारी कमी देखने को मिलती है, ऐसे में अर्पण का यह प्रयास न सिर्फ समयानुकूल है, बल्कि ज़रूरतमंद मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो सकता है।

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“यह आयोजन महायज्ञ है, आइए सहभागी बनें” – अमरप्रीत सिंह काले

बैठक की अध्यक्षता करते हुए अर्पण परिवार के मुख्य संरक्षक अमरप्रीत सिंह काले ने कहा –

“अर्पण परिवार पूरे वर्ष, चौबीसों घंटे, तीन सौ पैंसठ दिन रक्त सेवा में जुटा रहता है। यह निःस्वार्थ सेवा वास्तव में प्रेरणादायक है। 22 जून को यह शिविर सिर्फ रक्तदान का नहीं, बल्कि मानवता के लिए एक महायज्ञ बनने जा रहा है।”

उन्होंने अपील की कि जमशेदपुर के नागरिक इस महायज्ञ में अपने परिवार और मित्रों के साथ सहभागी बनें और इसे ऐतिहासिक बनाएं।
उन्होंने पौधा वितरण को “प्रकृति के प्रति हमारी पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी” बताया।

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बीते वर्षों की प्रेरक झलकियां

उल्लेखनीय है कि अर्पण परिवार द्वारा हर वर्ष आयोजित किए जाने वाले इस शिविर में रक्तदाताओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। पिछले वर्ष 2024 में आयोजित शिविर में 2700 यूनिट से अधिक रक्त एकत्र किया गया था, जो पूरे पूर्वी भारत में एक रिकॉर्ड रहा। साथ ही, 4000 से अधिक पौधों का वितरण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दिया गया था।

ब्लड बैंक का समर्थन

बैठक में जमशेदपुर ब्लड बैंक के प्रमुख श्री संजय चौधरी ने अर्पण परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा –

“हर कठिन समय में अर्पण परिवार का साथ ब्लड बैंक को नया संबल देता है। इनका योगदान रक्तदान आंदोलन की रीढ़ बन चुका है।”

उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जीवनदान देने का माध्यम है।

जनसंपर्क और डिजिटल जागरूकता

अर्पण परिवार ने इस बार सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का भी भरपूर उपयोग किया है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स पर प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रेरित किया जा सके। शहर के प्रमुख कॉलेजों और संस्थानों में भी जागरूकता अभियान चलाए गए हैं।

अर्पण परिवार का यह आयोजन न केवल रक्त सेवा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का संदेश भी लेकर आएगा। ऐसे समय में जब समाज को सकारात्मक ऊर्जा और एकजुटता की ज़रूरत है, यह शिविर समाज सेवा और पर्यावरण चेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बनने जा रहा है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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