Jan-Man Desk : पूरा देश रंगों के त्योहार होली के जश्न में डूबा है, लेकिन आसमान में एक बड़ी खगोलीय घटना घटने जा रही है। 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) लग रहा है। खास बात यह है कि इस बार ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है।
ग्रहण और सूतक काल का समय (भारत के अनुसार)
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा।
- ग्रहण का आरंभ: 3 मार्च दोपहर 02:30 बजे (IST)
- ग्रहण का मध्य (Peak): शाम 04:45 बजे
- ग्रहण की समाप्ति: रात 07:10 बजे
- सूतक काल: चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।

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क्या ग्रहण में होली खेल सकते हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल और ग्रहण के दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। हालांकि, ज्योतिषियों का मानना है कि:
- सूतक काल: 3 मार्च की सुबह 05:30 AM से ही सूतक शुरू हो जाएगा, लेकिन त्योहार होने के कारण दोपहर तक सावधानी के साथ उत्सव मनाया जा सकता है।
- सावधानी: ग्रहण शुरू होने के बाद सीधे धूप या खुले आसमान के नीचे होली खेलने से बचना चाहिए।
- गर्भवती महिलाएं: विशेष सावधानी बरतें और दोपहर 2:30 बजे के बाद बाहर न निकलें।
- भोजन: ग्रहण काल शुरू होने से पहले ही भोजन में तुलसी के पत्ते या कुश डाल दें।
| समय (Time) | मुहूर्त का प्रकार | क्या करें / क्या न करें |
| प्रातः 06:15 AM से 10:00 AM | अमृत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ) | होली खेलने का सबसे उत्तम समय। पूजा और बड़ों का आशीर्वाद लें। |
| सुबह 10:00 AM से 02:30 PM | शुभ मुहूर्त | दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ होली खेलें। सूतक के प्रभाव से पहले उत्सव पूरा करें। |
| दोपहर 02:30 PM से 07:10 PM | ग्रहण काल (वर्जित) | रंग खेलना बंद कर दें। घर के अंदर रहें, भगवान का भजन करें और खाने-पीने से बचें। |
| रात 07:10 PM के बाद | शुद्धिकरण काल | ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें, घर में गंगाजल छिड़कें और फिर मेल-मिलाप करें। |
आपकी राशि पर क्या होगा असर?
यह ग्रहण ‘सिंह’ और ‘कुंभ’ राशि के जातकों के लिए विशेष प्रभाव डालने वाला है। सिंह राशि वालों को अचानक धन लाभ हो सकता है, जबकि कुंभ राशि वालों को अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है।
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ब्लड मून’ का विज्ञान
- लाल क्यों दिखता है चांद? जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो पृथ्वी के वायुमंडल से छनकर आने वाली सूरज की लाल रोशनी चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे वह लाल दिखने लगता है।
- दुर्लभ संयोग: होली के दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण का पड़ना पिछली एक सदी में बहुत कम देखा गया है।
- हवामान पर असर: इस खगोलीय घटना के कारण समुद्र में ऊंचे ज्वार (High Tide) आने की संभावना है।
- युद्ध और अशांति: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसे इजरायल-ईरान के बीच चल रहे तनाव के और बढ़ने का संकेत भी माना जा रहा है।
- देखने का तरीका: चंद्र ग्रहण को सूर्य ग्रहण की तरह विशेष चश्मे की जरूरत नहीं होती, इसे आप नग्न आंखों से देख सकते हैं।