क्रांति की आग कभी नहीं बुझती: हूल दिवस पर CM हेमंत सोरेन ने सिदो-कान्हू को किया नमन, कहा- वीरों का बलिदान देता रहेगा प्रेरणा

Anand Kumar
3 Min Read

रांची। हूल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर अमर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विधायक कल्पना सोरेन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हूल दिवस केवल इतिहास को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, स्वाभिमान और बलिदान से प्रेरणा लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगना फूलो-झानो जैसे महान योद्धाओं ने अन्याय, शोषण और अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंककर आने वाली पीढ़ियों के लिए साहस और स्वाभिमान की मिसाल कायम की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समय शोषण के खिलाफ आवाज उठाना आसान नहीं था, उस दौर में आदिवासी समाज के इन वीर सपूतों ने अन्याय के विरुद्ध संगठित होकर संघर्ष का रास्ता चुना। उनका यह आंदोलन केवल विद्रोह नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और अधिकारों के लिए खड़े होने का संदेश था।

यह भी पढ़ें – झारखंड में 1,042 सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री बोले- शिक्षक तय करेंगे राज्य का भविष्य

उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती वीरों और बलिदानियों की भूमि है। यहां के इतिहास में ऐसे अनेक अध्याय दर्ज हैं, जिन्होंने देश को संघर्ष और आत्मसम्मान का रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जब भी अन्याय होगा, उसके खिलाफ प्रतिरोध की भावना जन्म लेगी और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि “क्रांति की आग कभी नहीं बुझती और इसे बुझाया भी नहीं जा सकता।” उन्होंने कहा कि वीरों का बलिदान सदैव समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा देता है। देश के विभिन्न स्मारकों पर निरंतर जलने वाली अमर ज्योति इसी अमर प्रेरणा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे हूल आंदोलन के महानायकों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करें।

यह भी पढ़ें – दिल्ली के राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में मंत्री दीपिका पांडे ने उठाए कई अहम मुद्दे

Share This Article
Follow:
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *