गुमला: झारखंड के गुमला में नो एंट्री के बावजूद शहर में घुसे एक कंटेनर ट्रक ने सड़क पार कर रहे युवक को कुचल दिया। हादसे में गांधीनगर निवासी 30 वर्षीय कल्याण कुजूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
सब्जी खरीदकर सड़क पार कर रहे थे युवक
घटना गुमला के सिंसई रोड स्थित डुमरटोली मोड़ के पास की है। जानकारी के अनुसार, कल्याण कुजूर बाजार से सब्जी खरीदकर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान टावर चौक की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे एक कंटेनर ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि युवक के पैर में तीन जगह फ्रैक्चर हो गया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल युवक को सदर अस्पताल पहुंचाया। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें रिम्स रेफर कर दिया। कुछ लोगों ने फरार हो रहे कंटेनर का पीछा भी किया, लेकिन चालक वाहन लेकर निकलने में सफल रहा।
बाजार के दिन नो एंट्री, फिर भी शहर में पहुंचा भारी वाहन
इस हादसे ने गुमला की यातायात व्यवस्था और नो एंट्री के नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को बाजार होने के कारण सिंसई रोड समेत शहर के कई इलाकों में लोगों की आवाजाही अधिक थी। सड़क किनारे सब्जियों की बिक्री होने से भीड़ और जाम की स्थिति भी बनती है। ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री लागू रहती है।
इसके बावजूद कंटेनर ट्रक शहर के भीतर कैसे पहुंचा, यह सवाल उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी रोक लगाना जरूरी है। नियमों का पालन नहीं होने से पैदल चलने वाले लोगों और दूसरे राहगीरों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
15 दिन पहले बोलेरो हादसे में हुई थी एक व्यक्ति की मौत
गुमला में सड़क दुर्घटना की यह पहली घटना नहीं है। करीब 15 दिन पहले एक अनियंत्रित बोलेरो ने दो अलग-अलग स्थानों पर दुर्घटना की थी। उस घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया था। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि शहर में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। बाजार वाले इलाकों में यातायात पुलिस की तैनाती बढ़ाने और नो एंट्री के नियमों का प्रभावी तरीके से पालन कराने की भी जरूरत बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना के बाद फरार होने वाले वाहन चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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