30 जनवरी को देश के कमोडिटी बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली। रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जहां चांदी करीब 27% टूट गई, वहीं सोने में भी 12% की भारी गिरावट आई। बाजार विशेषज्ञ इसे सामान्य करेक्शन नहीं, बल्कि प्रॉफिट बुकिंग + मार्जिन बढ़ोतरी का डबल झटका मान रहे हैं।
MCX पर कितनी गिरी कीमतें?
- चांदी (Silver):
- 29 जनवरी: ₹4.01 लाख प्रति किलो
- 30 जनवरी: ₹2.91 लाख प्रति किलो
- गिरावट: ₹1.10 लाख (करीब 27%)
- सोना (Gold):
- 29 जनवरी: ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम
- 30 जनवरी: ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम
- गिरावट: ₹20,000 (करीब 12%)
यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब निवेशक सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानकर लगातार खरीदारी कर रहे थे।
सोना–चांदी टूटने की 2 बड़ी वजहें
रिकॉर्ड स्तर के बाद भारी प्रॉफिट बुकिंग
पिछले कुछ हफ्तों में सोना और चांदी ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए थे। ऐसे में बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा सुरक्षित करने के लिए एक साथ बिकवाली शुरू कर दी। जब एक साथ ज्यादा सेलिंग होती है, तो कीमतों पर सीधा दबाव पड़ता है।
फिजिकल डिमांड में कमजोरी
ऊंचे दामों के बाद सर्राफा और औद्योगिक मांग कमजोर पड़ने लगी। खासतौर पर चांदी के औद्योगिक उपयोग को लेकर अनिश्चितता बढ़ी, जिससे बाजार की धारणा नेगेटिव हुई।
मार्जिन बढ़ोतरी ने बढ़ाया दबाव
सेबी-रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, Chicago Mercantile Exchange (CME) ने कॉपर के बाद अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन मनी बढ़ा दी है।
- सोना: मार्जिन 6% ➜ 8%
- चांदी: मार्जिन 11% ➜ 15%
मार्जिन बढ़ने से क्या होता है?
कमोडिटी बाजार में ट्रेड करने के लिए पूरी रकम नहीं, बल्कि एक हिस्सा सिक्योरिटी के तौर पर जमा करना पड़ता है, जिसे मार्जिन कहते हैं।
मार्जिन बढ़ते ही:
- ट्रेडर्स से अतिरिक्त पैसा मांगा जाता है
- जिनके पास कैश नहीं होता, वे पोजीशन काटते हैं
- एक साथ बिकवाली बढ़ने से कीमतें तेजी से गिरती हैं
इसी वजह से बाजार में अचानक तेज क्रैश देखने को मिला।
सर्राफा बाजार में भी झटका
वायदा बाजार की गिरावट का असर फिजिकल मार्केट पर भी पड़ा।
India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक:
- चांदी: ₹40,638 सस्ती होकर ₹3,39,350 प्रति किलो
- सोना (24 कैरेट): ₹9,545 सस्ता होकर ₹1,65,795 प्रति 10 ग्राम
हालांकि, सर्राफा बाजार में गिरावट MCX के मुकाबले कम रही।
वजह?
सर्राफा बाजार शाम 5 बजे बंद हो जाता है, जबकि वायदा बाजार रात 12 बजे तक चलता है। MCX में हर सेकेंड बोली लगती है, जिससे कीमतें ज्यादा तेज़ी से ऊपर-नीचे होती हैं।