रांची/गिरिडीह : गिरिडीह उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक सरगर्मी तेज है। मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से खाली हुई सीट पर 6 मार्च 2027 से पहले चुनाव कराना जरूरी है। JMM की ओर से दिवंगत मंत्री की पत्नी श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा है, जबकि BJP ने पूरी ताकत से लड़ने की बात कही है। दोनों दल जमीन पर सक्रिय हैं।
कल्पना सोरेन का गिरिडीह दौरा, श्वेता शर्मा रहीं साथ
गांडेय विधायक कल्पना सोरेन बुधवार (28 अक्टूबर) को गिरिडीह पहुंचीं और श्वेता शर्मा के साथ छठ घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौजूद अधिकारियों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
सेनादोनी छठ घाट के निरीक्षण के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित किया। कल्पना सोरेन ने कहा कि पिछले एक साल में झामुमो ने बहुत कुछ खोया है और गिरिडीह ने एक अच्छा नेता, एक बेटा और एक भाई खोया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में लोगों की संवेदनाएं पार्टी की ताकत हैं। इसके बाद वे लेदा छठ घाट पहुंचीं और वहां साफ-सफाई के निर्देश दिए।
कल्पना सोरेन और श्वेता शर्मा ने तेलोडीह, कोवाड़ मोड़, पहाड़पुर, कुरूमडीहा, लेदा और चरपोका समेत कई जगहों पर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने समस्याएं सुनीं और समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार, डीडीसी स्मिता कुमारी, JMM जिलाध्यक्ष संजय सिंह, मेयर प्रमिला मेहरा और डिप्टी मेयर सुमित कुमार समेत कई अधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
JMM की तैयारी, श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा
महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार JMM का ही होगा। संभावना जताई जा रही है कि श्वेता शर्मा को प्रत्याशी बनाया जाए और गठबंधन के तहत कांग्रेस-राजद का समर्थन मिले। इससे पहले श्वेता शर्मा पीरटांड़ में सुदिव्य कुमार के जुड़ाव वाले इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिल चुकी हैं।
यह सीट हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल मानी जा रही है। पार्टी ने उम्मीदवार की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
BJP का दावा: पूरी ताकत से उतरेंगे
BJP ने पूरी ताकत से उपचुनाव लड़ने का फैसला किया है और उम्मीदवार को लेकर सस्पेंस है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी 22 सितंबर को गिरिडीह में कह चुके हैं कि प्रत्याशी दिल्ली से तय होगा, पर पार्टी चुनाव लड़ेगी, यह तय है। पार्टी प्रवक्ता संदीप वर्मा ने भी कहा है कि प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर तक मंथन चल रहा है और समय आने पर प्रत्याशी की घोषणा होगी।
BJP की सक्रियता लगातार दिख रही है:
- 12 सितंबर: बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में BJP ने गिरिडीह समाहरणालय का घेराव किया और हेमंत सरकार पर निशाना साधा।
- 7 अक्टूबर: पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर गिरिडीह में कार्यक्रम हुआ। मरांडी ने संबोधित किया और पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी समेत कई नेता मौजूद रहे। लोग इसे उपचुनाव से जोड़कर देख रहे हैं।
- 23-25 अक्टूबर: BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन रांची आए और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित किया। पार्टी ने इस दौरे में उपचुनाव पर भी मंथन की बात कही थी।
- BJP प्रवक्ता मृत्युंजय कुमार शर्मा ने कहा है कि इस चुनाव से जनता सरकार के सात साल की नाकामियों का हिसाब लेगी।
- चर्चा में पूर्व विधायक निर्भय शाहाबादी का नाम है, पर पार्टी ने कुछ घोषित नहीं किया है।
कांग्रेस का पलटवार: जनता हमारे साथ
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सोनाल शांति ने BJP के दावे को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि महागठबंधन प्रत्याशी पिछली बार से 10 गुना अधिक मार्जिन से जीतेगा और BJP को 2029 की तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि BJP आज तक कोई उपचुनाव नहीं जीती है। नितिन नबीन के दौरे पर कांग्रेस ने तंज कसा कि वे BJP की अंदरूनी गुटबाजी दूर करने आए हैं।
जयराम महतो और अन्य दलों की भूमिका
गिरिडीह में कुर्मी मतदाताओं की अच्छी संख्या है और इस वोट बैंक पर जयराम महतो की मजबूत पकड़ मानी जाती है। अगर JLKM मजबूत उम्मीदवार उतारता है तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। आजसू की सक्रियता को भी मुकाबले पर असर डालने वाला माना जा रहा है। JLKM और आजसू ने अब तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
पिछले दिनों की राजनीतिक गहमागहमी
सांसद पप्पू यादव दिवंगत सुदिव्य कुमार के परिजनों से मिलने पहुंचे और केंद्र सरकार पर हमला बोला। सांसद मनोज तिवारी का गिरिडीह में प्रस्तावित रोड शो अनुमति के बाद रद्द किया गया। उन्होंने इसे हेमंत सरकार का तानाशाही फैसला बताया।
सुदिव्य कुमार का चुनावी सफर
सुदिव्य कुमार का 6 सितंबर को निधन हुआ। नियमों के अनुसार छह महीने के भीतर उपचुनाव जरूरी है और चुनाव आयोग ने प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी है।
- 2009 और 2014: दोनों बार हारे। 2014 में BJP के निर्भय कुमार शाहाबादी जीते।
- 2019: शाहाबादी को हराया। सुदिव्य को 80,871 और शाहाबादी को 64,987 वोट मिले।
- 2024: फिर जीते। सुदिव्य को 94,042 और शाहाबादी को 90,204 वोट मिले।
इसके बाद हेमंत सोरेन सरकार में वे कैबिनेट मंत्री बने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: गिरिडीह में कल्पना सोरेन ने क्या किया?
उत्तर: 28 अक्टूबर को उन्होंने श्वेता शर्मा के साथ छठ घाटों का निरीक्षण किया, अधिकारियों को निर्देश दिए और कार्यकर्ताओं-ग्रामीणों से मुलाकात की।
प्रश्न: गिरिडीह उपचुनाव कब होगा?
उत्तर: तारीख की घोषणा नहीं हुई है, पर 6 मार्च 2027 से पहले चुनाव जरूरी है।
प्रश्न: JMM का संभावित उम्मीदवार कौन है?
उत्तर: श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा है। पार्टी ने औपचारिक घोषणा नहीं की है।
प्रश्न: BJP का क्या रुख है?
उत्तर: BJP ने पूरी ताकत से लड़ने की बात कही है। बाबूलाल मरांडी के अनुसार प्रत्याशी का फैसला दिल्ली से होगा।
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