संसद मार्च पर हंगामा : CJP प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, कई हिरासत में; योगेंद्र यादव बोले- “रैली का रेला अब मेले में बदल गया”
नई दिल्ली। सीजेपी के संसद मार्च के बाद उपजी तनावपूर्ण स्थिति अब काबू में है। पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया है। मंच खाली करा लिया गया है और टेंट-तंबू भी हटा दिये गये हैं। प्रदर्शनकारियों को धरनास्थल से खदेड़ा जा रहा है। जंतर-मंतर खाली कराने के दौरान पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज भी किया।
इस बीच, CJP की ओर से दावा किया गया कि अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया है।
इसके पहले सोमवार की सुबह संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले हजारों छात्र और युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद की ओर मार्च करने निकले। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
संसद भवन की सुरक्षा को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कर्तव्य पथ, संसद मार्ग और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई।
सीजेपी के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। इसके बाद संसद की ओर मार्च शुरू किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
कुछ प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस के वाहन पर भी चढ़ गए, जबकि कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
योगेंद्र यादव का बयान
योगेंद्र यादव ने कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में छात्र, युवा और बेरोजगार दिल्ली पहुंचे हैं। उनके मुताबिक यह प्रदर्शन केवल एक मार्च नहीं, बल्कि युवाओं की व्यापक भागीदारी का प्रतीक बन चुका है।
अनुमान से दोगुनी पहुंची भीड़
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों की संख्या शुरुआती अनुमान से कहीं अधिक रही। सूत्रों के मुताबिक, जहां करीब 5,000 लोगों के जुटने की उम्मीद थी, वहीं जंतर-मंतर से संसद मार्च के लिए करीब 12,000 प्रदर्शनकारी पहुंच गए। इसके बाद संसद भवन की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई तथा कई प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।
सौरभ दास और जेपी नड्डा की मुलाकात
मार्च के दौरान सीजेपी के सदस्य सौरभ दास ने दावा किया कि उनकी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का दावा किया था, लेकिन बाद में पोस्ट अपडेट कर बताया कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया है।
सीजेपी का दावा है कि अभिजीत दीपके को पुलिस लेकर गई है। पुलिस ने इससे इनकार किया हैै।
धर्मेंद्र प्रधान ने अमित शाह से की मुलाकात
प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
गुजरात के कई शहरों में भी प्रदर्शन
दिल्ली के अलावा गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, जूनागढ़ और भावनगर समेत कई शहरों में भी प्रदर्शन हुए। अहमदाबाद में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की तथा सोनम वांगचुक के समर्थन में भी प्रदर्शन किया।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने सोमवार सुबह सभी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया। हर जिले से एक एसीपी स्तर के अधिकारी और करीब 100 पुलिसकर्मियों को नई दिल्ली क्षेत्र में तैनात किया गया। पहले से तैनात अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर संसद परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।
वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।