रांची: रांची: चतरा से लोजपा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ को रांची पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। सोमवार शाम रांची स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट से सौरभ के कथित अपहरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कुछ ही घंटों में उन्हें बरामद कर लिया। फिलहाल विधानसभा थाना में पुलिस सौरभ से पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला अपहरण का नहीं, बल्कि छात्रों के दो समूहों के बीच हुए विवाद और मारपीट का सामने आया है।
शराब पीने के दौरान हुआ विवाद, फिर मारपीट
सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि विधायक जनार्दन पासवान ने पुलिस को फोन कर अपने बेटे के अपहरण की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि एमिटी यूनिवर्सिटी के गेट के बाहर छात्रों के दो समूहों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक, सौरभ अपने कुछ दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान उसके एक दोस्त ने विश्वविद्यालय के दूसरे छात्र को वहां बुलाया। शराब के नशे में दोनों पक्षों के बीच बहस और गाली-गलौज शुरू हो गई।
कुछ देर बाद दूसरे समूह के कुछ और युवक वहां पहुंच गए। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई हो गई। इस दौरान एक वाहन का शीशा तोड़ने का भी प्रयास किया गया और सौरभ के साथ मारपीट की गई।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद कुछ युवक सौरभ को एक वाहन में बैठाकर आसपास के इलाके में ले गए। मारपीट के बाद उसे विधानसभा के पास छोड़ दिया गया। पुलिस ने सौरभ को बरामद कर विधानसभा थाना लाया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
दूसरे समूह के युवकों की पहचान, कुछ हिरासत में
सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस ने दूसरे समूह में शामिल युवकों की पहचान कर ली है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। हालांकि, प्रथम दृष्टया यह मामला अपहरण के बजाय छात्रों के बीच हुई मारपीट और उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
विधायक ने जताई थी बेटे के अपहरण की आशंका
इससे पहले चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके बेटे सौरभ को कुछ लोग जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए हैं। विधायक के अनुसार, सोमवार को छुट्टी होने के बाद सौरभ यूनिवर्सिटी से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो से पहुंचे कुछ लोगों ने यूनिवर्सिटी गेट के पास उनके साथ मारपीट की और जबरन वाहन में बैठाकर ले गए।
विधायक के अनुसार, सौरभ की थार गाड़ी घटनास्थल पर ही छूट गई थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी और अपहरण की आशंका जताई।
सूचना मिलते ही रांची पुलिस सक्रिय हो गई और शहर में जगह-जगह वाहनों की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए संभावित ठिकानों पर छानबीन शुरू की। इसी दौरान सौरभ को विधानसभा के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस सौरभ और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में किन लोगों की क्या भूमिका थी और उनके खिलाफ कौन-सी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
घटना की जानकारी सामने आने के बाद भाजपा ने झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि उन्हें चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने उनके बेटे के अपहरण की जानकारी दी थी। उन्होंने इसे राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
आदित्य साहू ने चेतावनी दी थी कि यदि युवक को जल्द सकुशल बरामद नहीं किया गया तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
हालांकि, पुलिस ने कुछ ही घंटों में सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर वास्तव में क्या हुआ था और कथित अपहरण के पीछे कौन लोग शामिल थे।
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