वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौवां बजट पेश करते हुए इंफ्रा, MSME, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन इंडस्ट्री और किसानों की आय पर बड़ा फोकस रखा

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार है जब बजट रविवार को पेश किया गया। इसके साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बन गईं।यह बजट पूरी तरह पेपरलेस फॉर्मेट में पेश किया गया और इसमें सीमा शुल्क सुधारों, राजकोषीय सुदृढ़ीकरण, महंगाई नियंत्रण और राजस्व बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: ₹12.2 लाख करोड़ का कैपेक्स
वित्त मंत्री ने FY27 के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) को बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड, REITs के जरिए PSU रियल एस्टेट की रीसाइक्लिंग और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना शामिल है।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान
रेल नेटवर्क को नई गति देने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई। इनमें:मुंबई–पुणे,पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–चेन्नई, हैदराबाद–बेंगलुरु, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी, वाराणसी–सिलीगुड़ी। इन कॉरिडोरों से प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जलमार्ग और शिपिंग इकोसिस्टम को बढ़ावा
अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। खनिज क्षेत्रों को जलमार्गों से जोड़ा जाएगा और वाराणसी व पटना में जहाज मरम्मत सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
वित्त मंत्री ने कहा कि नारियल, चंदन और अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। चंदन के पारंपरिक इकोसिस्टम को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच साझेदारी होगी, जबकि नारियल उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और 350 से अधिक सुधार
सरकार ने बताया कि 15 अगस्त के बाद से 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के जरिए विकास, रोजगार और उत्पादन को गति दी जा रही है। बजट में MSME को मजबूत करने, विरासत औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्जीवन, शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया गया है।
MSME और उद्योगों के लिए बड़े ऐलान
MSME सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड प्रस्तावित किया गया है। GeM को TReDS से जोड़ने, TReDS को अनिवार्य सेटलमेंट प्लेटफॉर्म बनाने और सस्ते पैरा-प्रोफेशनल्स के जरिए अनुपालन सहायता देने की घोषणा की गई।
मैन्युफैक्चरिंग और आत्मनिर्भरता पर जोर
बजट में बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत ₹10,000 करोड़, तीन नए फार्मा संस्थान और केंद्रीय औषधि मानक संगठन को मजबूत करने का ऐलान किया गया। इसके साथ ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, ₹40,000 करोड़ की इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण योजना, केमिकल पार्क, हाई-टेक टूल रूम और राष्ट्रीय फाइबर योजना के प्रस्ताव रखे गए।
रेयर अर्थ कॉरिडोर और ग्रीन इंडस्ट्री
वित्त मंत्री ने बताया कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित किए जाएंगे, जिससे खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।ग्रीन इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करने के लिए पांच औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन कैप्चर पर ₹20,000 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है।
विकास के तीन स्तंभ : ग्रामीण, इंफ्रा और हरित उद्योग
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना के तहत हर जिले में एक विशेष उत्पाद को बढ़ावा देकर ग्रामीण युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही भारत को सस्ते खेल सामान का वैश्विक केंद्र बनाने की संभावनाओं को मजबूत किया जाएगा।
दीर्घकालिक विकास का रोडमैप
वित्त मंत्री ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग विस्तार, MSME सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूती, सिटी इकोनॉमिक रीजन का विकास और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।बजट 2026-27 को सरकार ने तेज़, समावेशी और टिकाऊ विकास के रोडमैप के रूप में पेश किया है, जिसका असर आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था और रोजगार पर दिखने की उम्मीद है।