Patna : बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष एनडीए और विपक्षी महागठबंधन दोनों ही अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की चूक से बचने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।
रविवार को राजधानी पटना में दिनभर बैठकों और रणनीतिक विमर्श का दौर चलता रहा। एनडीए की ओर से जहां कई स्तरों पर बैठकें आयोजित की गईं, वहीं महागठबंधन ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए होटल में ठहराने की रणनीति अपनाई है।
NDA की रणनीतिक बैठकों का सिलसिला
रविवार सुबह जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर एनडीए नेताओं की अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भाजपा और जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा चुनाव के केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जेडीयू के वरिष्ठ नेता व मंत्री श्रवण कुमार समेत कई नेता शामिल हुए।
बैठक में राज्यसभा चुनाव के राजनीतिक गणित, मतदान रणनीति और विधायकों के प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के बाद मंत्री श्रवण कुमार ने दावा किया कि विपक्ष चाहे जितने दावे करे, लेकिन राज्यसभा चुनाव में जीत एनडीए की ही होगी। उनके अनुसार गठबंधन पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में है और विधायकों के वोट सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जा चुकी है।
उम्मीदवारों की सूची
बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए मैदान में मौजूद 6 प्रत्याशी इस प्रकार हैं:
| संख्या | नाम | पार्टी | गठबंधन |
|---|---|---|---|
| 1 | नितिन नवीन | BJP | NDA |
| 2 | शिवेश राम | BJP | NDA |
| 3 | नीतीश कुमार | JDU | NDA |
| 4 | रामनाथ ठाकुर | JDU | NDA |
| 5 | उपेंद्र कुशवाहा | RLM | NDA |
| 6 | एडी (अमरेंद्र धारी) सिंह | RJD | I.N.D.I.A. |
चुनाव का शेड्यूल (मार्च 2026)
- 9 मार्च: नाम वापस लेने की आखिरी तारीख (जो अब बीत चुकी है)।
- 16 मार्च: वोटिंग का दिन। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।
- 20 मार्च: इस तारीख तक चुनाव की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।
मुख्य बातें
- सीटें कम, उम्मीदवार ज़्यादा: 5 सीटों के लिए 6 उम्मीदवारों के होने के कारण अब मतदान अनिवार्य हो गया है। अगर केवल 5 ही उम्मीदवार होते, तो वे निर्विरोध चुन लिए जाते।
- NDA का दबदबा: सत्तारूढ़ NDA गठबंधन ने 5 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि विपक्षी खेमे से RJD के अमरेंद्र धारी सिंह मैदान में हैं।
- नीतीश कुमार की नई भूमिका: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए नामांकन एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।
विधायकों के लिए मॉक पोल की तैयारी
राज्यसभा चुनाव में मतदान प्रक्रिया सामान्य विधानसभा मतदान से अलग होती है। इसमें वरीयता आधारित मतदान प्रणाली अपनाई जाती है।
इसी कारण एनडीए नेतृत्व ने अपने विधायकों के लिए अभ्यास मतदान यानी मॉक पोल आयोजित करने का निर्णय लिया है। दोपहर दो बजे उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर सभी एनडीए विधायकों को बुलाया गया है।
मॉक पोल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई विधायक मतदान प्रक्रिया में तकनीकी या मानवीय गलती न करे। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि एक भी वोट की त्रुटि पूरे समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
बताया जा रहा है कि एनडीए के करीब 100 ऐसे विधायक हैं जिन्होंने पहले कभी राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं किया है। इसी कारण उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाने के लिए अभ्यास मतदान कराया जा रहा है।
विजय चौधरी के आवास पर अंतिम रणनीति
एनडीए की रणनीति का अगला चरण शाम को मंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर होने वाली बैठक में तय किया जाएगा।
यह बैठक एक तरह की डिनर मीटिंग होगी, जिसमें विधायकों के साथ अंतिम रणनीति साझा की जाएगी और मतदान के दौरान पार्टी लाइन का पालन करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इससे पहले भी एनडीए नेतृत्व ने विधायकों को एकजुट रखने के लिए कई बैठकें की हैं। 14 मार्च को उपेंद्र कुशवाहा के आवास पर और 12 मार्च को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर भी विधायकों के साथ रणनीतिक बैठक आयोजित की गई थी।

महागठबंधन की भी सक्रियता
इधर विपक्षी महागठबंधन भी अपनी रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। पटना के होटल पनाश में महागठबंधन के नेताओं और विधायकों की बैठक आयोजित की गई है।
बैठक में एआईएमआईएम के कई विधायक भी पहुंचे हैं। आरजेडी के प्रधान महासचिव रणविजय साहू भी मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार महागठबंधन के कई विधायकों को रविवार रात होटल पनाश में ही ठहरने को कहा गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम विधायकों को एकजुट रखने और किसी प्रकार की संभावित क्रॉस वोटिंग को रोकने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
AIMIM की इफ्तार पार्टी से बढ़ी सियासी चर्चा
राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एआईएमआईएम की ओर से आयोजित इफ्तार पार्टी ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने रविवार शाम छह बजे दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम के पोस्टर में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की तस्वीर भी लगाई गई है, जिसने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया है।
जानकारी के अनुसार तेजस्वी यादव इस इफ्तार कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
तेजस्वी और अख्तरुल ईमान की मुलाकात से बढ़े संकेत
हाल के दिनों में अख्तरुल ईमान और तेजस्वी यादव की मुलाकात भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रही है। मुलाकात के बाद अख्तरुल ईमान ने कहा था कि बातचीत सकारात्मक रही है और सकारात्मक बातचीत का परिणाम भी सकारात्मक होना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि महागठबंधन को समर्थन देने का अंतिम फैसला एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी करेंगे।
राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक महत्व
बिहार में राज्यसभा की सीटों को लेकर मुकाबला केवल संख्या का नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश का भी माना जा रहा है।
जहां एनडीए अपनी संख्या बल के आधार पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं महागठबंधन विपक्षी एकजुटता और अतिरिक्त समर्थन के जरिए मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश कर रहा है।
सोमवार को होने वाले मतदान से पहले दोनों खेमों की गतिविधियां इस बात का संकेत दे रही हैं कि चुनाव भले ही गणित का खेल हो, लेकिन राजनीति में रणनीति की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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