जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको ट्रैफिक सिग्नल के पास रविवार को हुए भीषण सड़क हादसे में मानगो निवासी पिता और उनके मासूम पुत्र की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और ट्रैफिक व्यवस्था तथा नो-एंट्री नियमों के पालन को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नो-एंट्री व्यवस्था लागू होने के बावजूद बर्मामाइंस से गोलमुरी चौक, लिट्टी चौक होते हुए एग्रिको सिग्नल तक भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहती है। लोगों का कहना था कि कई भारी वाहन तेज रफ्तार से इस मार्ग पर चलते हैं, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा लगातार खतरे में रहती है।
हादसे के बाद सड़क पर उतरे लोग
पिता-पुत्र की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन से नो-एंट्री व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में लगातार सड़क हादसे होने के बावजूद ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर पर्याप्त सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि भारी वाहनों के परिचालन और रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में और हादसे हो सकते हैं।
पुलिस और एंबुलेंस की व्यवस्था पर भी उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों ने हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। लोगों का आरोप था कि घटना के काफी देर बाद तक सिदगोड़ा पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने की बात भी लोगों ने कही।
स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क हादसे की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में पुलिस और एंबुलेंस की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।
विधायक पूर्णिमा साहू ने प्रशासन पर साधा निशाना
घटना को लेकर जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने भी गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री, उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को टैग करते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और भारी वाहनों के परिचालन को लेकर सवाल उठाए।
विधायक ने कहा कि शहर में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन नो-एंट्री के दौरान भारी वाहनों का परिचालन बेरोकटोक जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जिला प्रशासन से नो-एंट्री नियमों को कड़ाई से लागू करने और सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
विधायक ने यह भी चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आम लोगों की सुरक्षा के लिए वह स्वयं सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि एग्रिको, गोलमुरी और बर्मामाइंस मार्ग पर भारी वाहनों के परिचालन की प्रभावी निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
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