रांची: राजधानी के डोरंडा इलाके से शुक्रवार, 6 नवंबर की शाम लापता हुए छोटे बच्चे अरनव कुमार का शव शनिवार, 7 नवंबर की सुबह बरामद किया गया। बच्चे की तलाश में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम भी लगाई गई थी। पुलिस के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, शव कुम्हारटोली इलाके में घर से करीब 500 मीटर दूर एक नाले में मिला। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक है।
अरनव छप्पन सेठ कुम्हारटोली/छप्पनसेठ कॉलोनी क्षेत्र में अपने घर से शुक्रवार दोपहर बाद लापता हुआ था। परिजनों के मुताबिक, बच्चा घर से बाहर खेलने निकला था और फिर वापस नहीं लौटा। परिवार ने आसपास तलाश की और डोरंडा थाने को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और NDRF की टीम ने तलाश अभियान चलाया।
NDRF की तलाश के बाद मिला शव
द टाइम्स ऑफ इंडिया की 7 नवंबर की रिपोर्ट में डोरंडा थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह के हवाले से बताया गया कि पुलिस ने भी बच्चे की तलाश की थी, लेकिन शुरुआत में उसका पता नहीं चल सका। बाद में NDRF की टीम ने नाले में शव का पता लगाया। थाना प्रभारी के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या बच्चा खेलते समय या आसपास जाते हुए नाले में गिरा था। फिलहाल इसे दुर्घटना मानकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारण के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उम्र और शव मिलने की जगह को लेकर रिपोर्टों में अंतर
इस घटना को लेकर प्रकाशित खबरों में कुछ विवरण एक जैसे नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया और लोकल खबर ने बच्चे की उम्र तीन वर्ष बताई है, जबकि हिन्दुस्थान समाचार और लल्लूराम की रिपोर्ट में उम्र करीब ढाई वर्ष लिखी गई है। इसी तरह कुछ रिपोर्टों में शव को नाले में मिलने की बात कही गई है, जबकि एक अन्य रिपोर्ट में नदी/नदी किनारे से बरामदगी का उल्लेख है।
इसलिए इस रिपोर्ट में उम्र को ढाई से तीन वर्ष के बीच बताया जा रहा है और बरामदगी की जगह के संबंध में डोरंडा थाना प्रभारी के हवाले से टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित विवरण को स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया है। पुलिस की ओर से जारी कोई अलग विस्तृत लिखित बयान फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं मिला है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
पुलिस के अनुसार, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच का एक पहलू यह भी है कि बच्चा घर से निकलने के बाद किस रास्ते से उस स्थान तक पहुंचा और नाले में गिरने की आशंका किस हद तक सही है। इन सवालों का जवाब पोस्टमार्टम, घटनास्थल की जांच और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मिल सकेगा।
घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में खुले नालों और जल निकासी संरचनाओं के आसपास छोटे बच्चों की सुरक्षा का सवाल सामने ला दिया है। हालांकि, इस मामले में किसी विभाग या व्यक्ति की लापरवाही को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने से पहले किसी पर जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा।
स्रोत: डोरंडा थाना प्रभारी के बयान के आधार पर द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट; लोकल खबर, हिन्दुस्थान समाचार और लल्लूराम की 7 नवंबर 2026 की रिपोर्टों से घटना के समय, तलाश और बरामदगी संबंधी विवरण का मिलान। अलग-अलग रिपोर्टों में उम्र और बरामदगी स्थल के वर्णन में अंतर होने की बात लेख में स्पष्ट रखी गई है।
फीचर इमेज क्रेडिट: बेंगलुरु में खुले सीवर की प्रतीकात्मक तस्वीर; यह रांची के घटनास्थल की तस्वीर नहीं है। फोटो: Jay Bergesen, Wikimedia Commons, CC BY 2.0। मूल तस्वीर और लाइसेंस विवरण।