बोकारो में कोयले का ढेर धंसा, 3 महिलाओं की मौत; 4 लोग गंभीर रूप से घायल

Anand Kumar
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कथारा कोलियरी हादसा। फोटो: दैनिक भास्कर (मूल स्रोत); उपयोग से पहले प्रकाशन अधिकार सुनिश्चित करें।

Bokaro News: झारखंड के बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) की कथारा कोलियरी में कोयले का भारी ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात कथारा कोलियरी के स्टॉक यार्ड में हुआ। सभी लोग आसपास की बांध बस्ती के निवासी बताए जा रहे हैं।

रात में कोयला चुनने पहुंचे थे ग्रामीण

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीण घरेलू इस्तेमाल और जलावन के लिए कोयला चुनने स्टॉक यार्ड पहुंचे थे। इसी दौरान कोयले का एक बड़ा ढेर अचानक धंसकर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आए सात लोग मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

तीन महिलाओं की मौत, चार घायल

हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान पुष्पा देवी, कौशल्या देवी और सहोदरी देवी के रूप में बताई गई है। उपलब्ध स्थानीय जानकारी के अनुसार, पुष्पा देवी गुल्लू यादव की पत्नी, कौशल्या देवी विश्वनाथ की पत्नी और सहोदरी देवी हीरालाल की पत्नी थीं।

घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया। बाद में पुलिस, सीसीएल प्रबंधन के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। मलबे से निकाले गए घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) रेफर किए जाने की जानकारी है।

स्टॉक यार्ड में ग्रामीणों की मौजूदगी पर सवाल

हादसे के बाद कोलियरी के स्टॉक यार्ड की सुरक्षा व्यवस्था और वहां बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय ग्रामीण स्टॉक यार्ड तक कैसे पहुंचे? क्या वहां प्रवेश नियंत्रण और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था थी? कोयले के बड़े ढेर के पास लोगों की मौजूदगी किन परिस्थितियों में हुई? इन पहलुओं की जांच जरूरी है।

हालांकि, हादसे के कारणों या सुरक्षा में किसी चूक की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और सीसीएल प्रबंधन मामले की जांच कर रहे हैं।

हादसे के शिकार लोग सीसीएल कर्मचारी नहीं

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में प्रभावित लोग सीसीएल के कर्मचारी नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीण थे। कोयले का ढेर किन परिस्थितियों में धंसा और स्टॉक यार्ड में उनकी मौजूदगी कैसे हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद बांध बस्ती और कथारा क्षेत्र में शोक का माहौल है।

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वरिष्ठ पत्रकार आनंद कुमार करीब 30 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। उन्होंने एम.ए. (इतिहास), बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और एमबीए (मार्केटिंग) की शिक्षा प्राप्त की है। 1996 में 'प्रभात खबर', रांची से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार करियर की शुरुआत करके 'हिन्दुस्तान' और 'अमर उजाला' जैसे राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके आनंद कुमार हिन्दुस्तान, जमशेदपुर के स्थानीय संपादक भी रहे हैं। इसके अलावा The Photon News अखबार सहित Lagatar.in तथा Newswing.com जैसे डिजिटल माध्यमों में संपादक पद का दायित्व संभाल चुके हैं। इसके अलावा आनंद कुमार कॉरपोरेट कम्यूनिकेशन/जनसंपर्क, प्रबंधन, सरकार/प्रशासन और मीडिया शिक्षण का भी गहन अनुभव रखते हैं। उन्होंने सरयू राय - एक नाम कई आयाम' नामक पुस्तक का संपादन भी किया है।
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