जमशेदपुर: कहते हैं कि प्रतिभा और हुनर उम्र के मोहताज नहीं होते। इस कहावत को जमशेदपुर के महज 16 महीने के ऋत्विक वर्मा ने सच कर दिखाया है। जिस उम्र में बच्चे ठीक से चलना सीख रहे होते हैं, उस उम्र में ऋत्विक ने बिना किसी सहारे के लगातार 30 सीढ़ियां चढ़कर एक अनोखी उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ ने आधिकारिक मान्यता दी है।
कदमा के भाटिया बस्ती निवासी ऋत्विक की इस सफलता से उनके परिवार में जश्न का माहौल है। इतनी कम उम्र में मिली इस पहचान ने जमशेदपुर का भी गौरव बढ़ाया है।
मां की पहल से दुनिया तक पहुंची ऋत्विक की प्रतिभा
ऋत्विक की इस उपलब्धि को रिकॉर्ड में दर्ज कराने का श्रेय उनकी मां अनामिका कुमारी वर्मा को जाता है। अनामिका रेडियो क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। उन्हें इंटरनेट मीडिया के माध्यम से ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने बेटे की असाधारण क्षमता को आधिकारिक पहचान दिलाने का फैसला किया।
अनामिका ने 11 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया। इसके साथ उन्होंने करीब एक मिनट का वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर भेजा। वीडियो में ऋत्विक बिना किसी की मदद लिए लगातार 30 सीढ़ियां चढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
संस्था की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 2 नवंबर को रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की गई।
पिता को सरप्राइज देने के लिए मां ने छिपाकर रखी पूरी तैयारी
ऋत्विक के पिता रोहित वर्मा पुणे की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। अनामिका ने रिकॉर्ड के लिए आवेदन करने से लेकर इसकी पुष्टि होने तक पूरी प्रक्रिया को पति से गुप्त रखा था। उनकी इच्छा थी कि बेटे के नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज होने की खबर देकर वह पति को यादगार सरप्राइज दें। 2 नवंबर को जैसे ही संस्था की ओर से रिकॉर्ड की पुष्टि हुई, परिवार की खुशी दोगुनी हो गई।
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नाना ने सबसे पहले पहचाना था नाती का हुनर
ऋत्विक की इस सफलता में परिवार के सदस्यों का प्रोत्साहन भी अहम रहा। खासकर उनके नाना अजय कुमार सिंह ने सबसे पहले नाती की इस विशेष क्षमता को पहचाना था। उन्होंने ही ऋत्विक की प्रतिभा को विश्व रिकॉर्ड के लिए भेजने का सुझाव दिया। परिवार के सहयोग और मां की पहल से ऋत्विक की यह उपलब्धि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो गई है।
नन्हे कदमों ने हासिल की बड़ी पहचान
महज 16 महीने की उम्र में लगातार 30 सीढ़ियां चढ़ने की उपलब्धि ने ऋत्विक को खास पहचान दिलाई है। उनकी कहानी यह दिखाती है कि बच्चों की क्षमताओं को समय पर पहचान और प्रोत्साहन मिले तो वे असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। जमशेदपुर के इस नन्हे रिकॉर्डधारी की सफलता से परिवार, रिश्तेदारों और शहर के लोगों में खुशी है।
जन-मन की बात | जमशेदपुर