पटना : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने बयानों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके नाम से सामने आ रही पंक्ति ‘क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं’ ने लोगों का ध्यान खींचा है। इस कथन को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है।
हालांकि, इस खास वाक्य का मूल वीडियो या आधिकारिक ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में नहीं मिला है। इसलिए इसे मुख्यमंत्री का प्रमाणित शब्दशः बयान मानने से पहले मूल वीडियो देखना जरूरी है।
अपराध और कानून-व्यवस्था पर पहले भी दे चुके हैं सख्त बयान
सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर कई सख्त बयान दिए हैं।
30 अप्रैल 2026 को पटना में डीएम और एसपी के साथ समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर समझौता नहीं करने की बात कही थी। खासकर महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को प्राथमिकी दर्ज करने, चार्जशीट दाखिल करने और समयबद्ध अभियोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
जमुई कांड पर भी दिया था बयान
सितंबर 2026 में जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना के बाद भी मुख्यमंत्री का बयान चर्चा में रहा था।
उन्होंने कहा था कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और पुलिस को चुनौती देने वाले अपराधियों को 24 घंटे के भीतर जवाब मिलेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर रील बनाने की प्रवृत्ति पर भी टिप्पणी की थी।
इस बयान की रिपोर्ट आजतक, एनडीटीवी और एबीपी न्यूज ने प्रकाशित की थी।
बयान के पीछे क्या है असली संदर्भ?
मुख्यमंत्री के नाम से प्रसारित हो रही ‘क्राइम हो सकता है, लेकिन अपराध नहीं’ वाली पंक्ति का संदर्भ और पूरा वीडियो सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि उन्होंने यह बात किस परिस्थिति में और किस अर्थ में कही थी।
फिलहाल बिहार में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री के बयानों पर चर्चा जारी है।
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